युद्ध झेल रहे गाजा पट्टी में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की दो हालिया रिपोर्टों में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि भुखमरी और कंगाली के कारण गाजा में महिलाओं का यौन उत्पीड़न, जबरन विवाह और भोजन के बदले सौदा किया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के अनुसार, 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) के दौरान क्षेत्र में बाल विवाह और जबरन विवाह के मामलों में 123 प्रतिशत की अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रोटी के बदले शादियां और बलात्कारियों से जबरन विवाह
रिपोर्ट के लिए शोधकर्ताओं से बात करते हुए पीड़ित महिलाओं ने दिल दहला देने वाली आपबीती साझा की। गाजा और खान यूनिस के शरणार्थी शिविरों में रह रही महिलाओं ने बताया कि गंभीर खाद्य संकट के चलते एक पिता ने अपनी 14 वर्षीय मासूम बेटी की शादी महज 2 बोरी आटे के बदले कर दी। इतना ही नहीं, यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को उन बलात्कारियों से ही शादी करने पर मजबूर किया जा रहा है जिन्होंने उन पर अत्याचार किया था। शिविरों के स्कूलों में यौन हिंसा की घटनाओं के अगले ही दिन जबरन शादियों का आयोजन किया जा रहा है।
21 लाख लोग विस्थापित और कंगाली बनी मुख्य वजह
इजरायल और हमास के बीच जारी भीषण जंग के कारण गाजा में करीब 21 लाख फिलिस्तीनी नागरिक अपने घरों से बेघर होकर शरणार्थी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अध्ययन के अनुसार, लिंग-आधारित हिंसा का शिकार होने वाली कुल महिलाओं में 68 प्रतिशत महिलाएं 18 से 59 वर्ष की आयु वर्ग की हैं। इस भीषण लैंगिक हिंसा का मुख्य कारण परिवारों में व्याप्त भुखमरी, गरीबी, आय का कोई जरिया न होना और बच्चों के स्कूलों का लंबे समय से बंद होना है। 10 संगठनों के आंकड़ों और 230 महिलाओं की प्रत्यक्ष गवाही के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।
अंतरराष्ट्रीय शांति बोर्ड और पुनर्निर्माण योजना
महिलाओं के खिलाफ बढ़ते इस मानवीय संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति बोर्ड की बहु-चरणीय पुनर्निर्माण योजना का महत्व बढ़ गया है। गाजा के पुनर्निर्माण के लिए बनाई गई इस योजना के पहले चरण में अगले 6 महीनों के दौरान 2.45 बिलियन डॉलर (लगभग 23,508 करोड़ रुपये) की भारी राशि खर्च की जानी है, ताकि प्रभावित नागरिकों को मानवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान की जा सके।
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