अयोध्या में दीपोत्सव का दसवां संस्करण इस बार भव्यता और तकनीक के नए संगम के रूप में आयोजित होने जा रहा है। राम की पैड़ी समेत सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाने की तैयारी है। वहीं, 2,151 वेदाचार्य और अर्चक एक साथ सरयू तट पर महाआरती करेंगे। दीपोत्सव-2026 के मुख्य अतिथि भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में शामिल रहेंगे। उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से वर्ष 2017 में दीपोत्सव की शुरुआत हुई थी। पहले आयोजन में 1.71 लाख दीप जलाए गए थे, जबकि इस बार इनकी संख्या 30 लाख से अधिक करने का लक्ष्य है। तैयारियों में 35 हजार स्वयंसेवक, 900 घाट समन्वयक, 112 घाट प्रभारी और 27 पर्यवेक्षक जुटे हैं।
2,100 ड्रोन दिखाएंगे रामायण के प्रसंग
इस बार दीपोत्सव में 2,100 स्वदेशी ड्रोन के जरिए आसमान में रामायण के प्रमुख दृश्य उकेरे जाएंगे। इनमें वीर मुद्रा में प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान, रावण वध, पुष्पक विमान और राम दरबार शामिल होंगे। महर्षि वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास और हनुमान के विभिन्न स्वरूपों के साथ राम मंदिर और पर्यटन विभाग के प्रतीक चिह्न भी प्रदर्शित किए जाएंगे। स्थानीय लोगों के लिए 9 नवंबर को विशेष ड्रोन शो आयोजित होगा।
इसके अलावा रामायण के सातों कांडों पर आधारित झांकियां निकाली जाएंगी। देश के अलग-अलग राज्यों से आए करीब 1,000 कलाकार लोकनृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। राम की पैड़ी पर मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन, लेजर शो और 100 से अधिक कलाकारों की लाइव परफॉर्मेंस भी आकर्षण होंगी। आयोजन में मुस्लिम कारीगर भी रामायण प्रसंगों पर आधारित झांकियां तैयार करने में सहयोग कर रहे हैं।
ग्रीन आतिशबाजी से अंतरराष्ट्रीय रामलीला तक इंतजाम
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सरयू तट पर संगीत के साथ कोरियोग्राफ्ड एरियल ग्रीन फायर क्रैकर्स शो होगा। रामकथा पार्क में अंतरराष्ट्रीय रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसमें असम, केरल और बंगाल के कलाकारों के साथ श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और इंडोनेशिया के बाली से आए कलाकार भी हिस्सा लेंगे। क्वीन हो मेमोरियल पार्क में 5 से 9 नवंबर तक पांच दिवसीय दीपोत्सव मेला और प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है।
शहर में थीम आधारित सजावट, सेल्फी प्वाइंट, सैंड आर्ट, स्मार्ट लाइटिंग और एलईडी पैनल लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, सफाई, प्रसाधन, महिला सुरक्षा, पार्किंग और यातायात प्रबंधन पर भी ध्यान दिया गया है। डीएम शशांक त्रिपाठी के अनुसार, प्रमुख आयोजन स्थलों की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंप दी गई है, ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
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