अमृतसर(Amritsar) के युवा जूडो खिलाड़ी हर्षरम ने जॉर्डन में आयोजित एशियन कैडेट एंड जूनियर जूडो चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर देश और पंजाब का नाम रोशन किया। शानदार उपलब्धि हासिल करने के बाद जब हर्षरम देश वापस लौटे तो श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
यह हर्षरम का पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था लेकिन उन्होंने अपने बेहतरीन खेल से अपने परिवार के दिलों समेत समेत पूरे देश को खुशी से भर दिया है। अपनी श्रेणी में लगभग 20 खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करते हुए उन्होंने कुल पांच मैचों में से चार में जीत दर्ज की। उन्होंने किर्गिस्तान, ताइपे, उज्बेकिस्तान और फिलिस्तीन के खिलाड़ियों को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
चार साल की मेहनत से मिली बड़ी सफलता
हर्षरम ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने पिता इंस्पेक्टर पवन कुमार और कोच करमजीत सिंह के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि नियमित मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। कोच करमजीत सिंह के मुताबिक, हर्षरम को साल 2022 से अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया जा रहा है और वह रोजाना करीब 8 घंटे कड़ा अभ्यास करते हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें यह सफलता दिलाई है। हर्षरम की जीत अमृतसर और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
पंजाब के लिए गर्व का पल
जूडो एसोसिएशन के अध्यक्ष जतिंदर कुमार ने हर्षरम और उनके परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि चार साल की मेहनत के बाद मिली यह सफलता पूरे पंजाब के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि हर्षरम आने वाले समय में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर पंजाब का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ऊंचा करेंगे। हर्षरम की सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है।