पंजाब के अमृतसर देहात में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। जिले के अलग-अलग इलाकों में एक साथ चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान करीब 40 संदिग्ध नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि यह अभियान सीमा पार से संचालित नशा और हथियार तस्करी के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की दिशा में अहम कदम है।
कई इलाकों में एक साथ चला सर्च ऑपरेशन
DIG हरमनबीर सिंह गिल के मुताबिक, अमृतसर देहात पुलिस की कई टीमों ने सुबह से अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान नशा तस्कर सुखदेव सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा कई अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
सीमा से सटे गांवों पर विशेष नजर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित महावा और नेश्टा गांव ड्रोन के जरिए हेरोइन और हथियारों की तस्करी के लिए संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं। इसी वजह से इन इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। पुलिस का लक्ष्य सीमा पार से संचालित तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है।
एंटी-ड्रोन सिस्टम से मिल रही मदद
DIG ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा सीमा क्षेत्र में लगाए गए एंटी-ड्रोन सिस्टम से पाकिस्तान की ओर से भेजे जाने वाले ड्रोन की गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है। इस तकनीक की मदद से नशे और हथियारों की तस्करी रोकने में सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।DIG हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि फरार अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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