नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने विदेशी राजनयिकों से व्यक्तिगत मुलाकात न करने की अपनी नीति में बदलाव करने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह इस सप्ताह भारत और चीन के राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस कदम के जरिए नेपाल दोनों पड़ोसी देशों के साथ संतुलित और समान महत्व वाले संबंधों का संदेश देना चाहता है।
दोनों राजदूतों से करेंगे मुलाकात
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री शाह भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव और चीन के राजदूत झांग माओमिंग से एक ही दिन अलग-अलग बैठक करेंगे। हालांकि, इन बैठकों की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल का विदेश मंत्रालय इन मुलाकातों के समन्वय में जुटा है और संभावना है कि ये बैठकें शाह सरकार के 100 दिन पूरे होने के तुरंत बाद आयोजित होंगी।
पहले व्यक्तिगत मुलाकातों से बनाई थी दूरी
प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह ने विदेशी प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत स्तर पर मुलाकात न करने की नीति अपनाई थी। इसी कारण उन्होंने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी, चीन के उप वाणिज्य मंत्री यान डोंग और अमेरिका के उप सहायक विदेश मंत्री समीर पॉल कपूर सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से अलग से मिलने के अनुरोध स्वीकार नहीं किए थे। हालांकि, उन्होंने अप्रैल और मई के दौरान काठमांडू में तैनात विदेशी राजदूतों के साथ केवल सामूहिक बैठकें की थीं। इस नीति का एकमात्र अपवाद एशियाई विकास बैंक (ADB) के अध्यक्ष मासाटो कांडा रहे, जिनसे उन्होंने जुलाई की शुरुआत में नेपाल यात्रा के दौरान मुलाकात की थी।
आलोचना के बाद बदला रुख
नेपाल के पूर्व राजनयिकों, विदेश नीति विशेषज्ञों और स्थानीय मीडिया ने बालेन शाह की इस नीति की आलोचना की थी। उनका कहना था कि नेपाल जैसे भू-राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और विकासशील देश के लिए प्रमुख साझेदार देशों के साथ नियमित संवाद बनाए रखना जरूरी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार के कुछ वरिष्ठ मंत्रियों ने भी प्रधानमंत्री को भारत, चीन और अमेरिका के उच्च अधिकारियों से बातचीत बढ़ाने की सलाह दी थी। बढ़ती आलोचनाओं और बदलते हालात के बीच अब शाह ने व्यक्तिगत कूटनीतिक संवाद को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है।
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