Women Self-Employment Campaign: उत्तराखंड में एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘महिला स्वरोजगार’ अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ करेंगे।
इस चरण के तहत राज्य के आठ जिलों की 212 महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाते हुए उन्हें अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
75% सब्सिडी का मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा दो लाख रुपये की परियोजना लागत पर 75% यानी डेढ़ लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। शेष 25% राशि लाभार्थी महिला को खुद अंशदान के रूप में देनी होती है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
आठ जिलों की 212 महिलाओं को मिलेगा लाभ
दूसरे चरण में अल्मोड़ा की 26, चंपावत की 25, चमोली की 29, हरिद्वार की 32, रुद्रप्रयाग की 17, पिथौरागढ़ की 40, उत्तरकाशी की 42 और देहरादून की एक महिला को योजना का लाभ मिलेगा। इस तरह कुल 212 महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना को लेकर विभाग का रिएक्शन
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बीएल राणा के अनुसार, ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना एक सशक्त महिला उद्यमी योजना है।’ उन्होंने बताया कि यह योजना राज्य की एकल महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में प्रभावी साबित होगी।
किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ?
योजना का लाभ विधवा, पति के द्वारा छोड़ी गई महिला, तलाकशुदा, किन्नर, अविवाहित महिला जो परिवार पर आश्रित न हो, एसिड हमले से पीड़ित एकल महिलाएं उठा सकेंगी। पात्र महिला उत्तराखंड की मूल एवं स्थायी निवासी होनी चाहिए और उसकी आयु 21 से 50 साल के बीच होनी चाहिए। पति के द्वारा छोड़ी गई महिलाओं का समाज कल्याण विभाग में पंजीकरण होना जरुरी है। यदि पंजीकरण नहीं है तो ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम प्रधान और शहरी क्षेत्र में निकाय अध्यक्ष का प्रमाणपत्र मान्य होगा।
योजना का उद्देश्य
योजना का मुख्य उद्देश्य एकल महिलाओं को उनके निवास स्थान गांव एवं क्षेत्र में ही रोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। ताकि आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाते हुए उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर उनके जीवन में सुधार आए।
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