Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों और पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी आतंकियों के मुख्य मददगार मोहम्मद रफीक नाइक को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी छात्रू इलाके में एक्टिव विदेशी आतंकियों को पनाह, रसद, संचार साधन और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ UAPA समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आतंकी नेटवर्क का मुख्य हैंडलर
पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद रफीक नाइक किश्तवाड़ के सिंहपोरा स्थित दवाथर का रहने वाला है और कलासोई इलाके की एक मस्जिद में मौलवी के रूप में काम करता था। जांच में सामने आया है कि वह जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर सैफुल्लाह ग्रुप तथा पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े विदेशी आतंकियों के लिए मुख्य ग्राउंड हैंडलर के तौर पर काम कर रहा था। वह आतंकियों के आने-जाने के रास्तों की रेकी करने के साथ स्थानीय स्तर पर उनके लिए सहयोग और संसाधनों की व्यवस्था करता था।
दो साल तक आतंकियों को मिलता रहा सहारा
पुलिस का कहना है कि रफीक नाइक ने सैफुल्लाह और उसके साथियों को सुरक्षित ठिकाना, भोजन, जरूरी सामान और तालमेल उपलब्ध कराया, जिसकी बदौलत वे करीब दो सालों तक छात्रू के जंगलों में एक्टिव बने रहे। इसी साल की शुरुआत में सुरक्षा बलों ने एक विशेष अभियान के दौरान सैफुल्लाह और उसके समूह को मार गिराया था। जांचकर्ताओं का मानना है कि रफीक का सपोर्ट नेटवर्क ही आतंकियों को लंबे समय तक एक्टिव रखने में अहम भूमिका निभा रहा था।
FIR दर्ज, कई धाराओं में केस
किश्तवाड़ के छात्रू पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ एफआईआर संख्या 03/2026 दर्ज की गई है। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 61(1), 109, 147, 148 और 103 के अलावा गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराओं 13, 16, 18 और 20 तथा आर्म्स एक्ट (IA Act) की धारा 7/25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है।
OGW नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी जिले में एक्टिव ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में अहम सफलता है। इससे पहले इसी मामले में मुनीर अहमद और मशकूर अहमद को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के अनुसार, स्कूल शिक्षक मशकूर अहमद पर भी इसी आतंकी मॉड्यूल को लॉजिस्टिकल और कम्युनिकेशन सपोर्ट उपलब्ध कराने का आरोप है।
अन्य मददगारों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है और आतंकी नेटवर्क से जुड़े दूसरे ओवरग्राउंड वर्कर्स की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। साथ ही किश्तवाड़ में आतंकियों के पूरे सपोर्ट सिस्टम को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से साफ संदेश जाता है कि आतंकवादियों की मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति को, चाहे उसका पद या पहचान कुछ भी हो, कानून के दायरे में लाया जाएगा।
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