देश के प्रमुख कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन और तस्करी पर रोक लगाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने व्यापक अभियान चलाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 5 जुलाई को हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद गृह मंत्रालय के ‘Zero Coal Leakage’ मिशन के तहत यह कार्रवाई तेज की गई। पिछले तीन सप्ताह के विशेष अभियान में CISF ने 1,798.725 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.08 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
अवैध कारोबार को रोकने के लिए CISF ने केवल कोयला ही नहीं बल्कि तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की। अभियान के दौरान कुल 84 वाहनों को सीज किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, तस्कर बड़े हाइवा ट्रकों के साथ-साथ विशेष रूप से संशोधित मोटरसाइकिलों का भी उपयोग कर रहे थे। सुरक्षा बल ने मुख्य मार्गों और गुप्त रास्तों पर निगरानी बढ़ाकर इन वाहनों को पकड़ा।
तीन प्रमुख कोयला क्षेत्रों में बड़ी बरामदगी
इस अभियान में CISF की खुफिया टीमों ने उन इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जहां अवैध कोयले की सबसे अधिक आवाजाही होती है। सबसे बड़ी बरामदगी BCCL के धनबाद(Dhanbad) क्षेत्र से हुई, जहां 1,063.91 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया। इसके अलावा ECL के शीतलपुर क्षेत्र से 450.13 मीट्रिक टन और CCL के रांची/CMP-H क्षेत्र से 284.715 मीट्रिक टन कोयला बरामद किया गया।

कानूनी कार्रवाई हुई तेज
CISF ने इस अभियान में खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (MMDR Act) के तहत मिली कानूनी शक्तियों का भी इस्तेमाल किया। इसके तहत पुलिस में एफआईआर दर्ज होने का इंतजार किए बिना सक्षम न्यायालय में सीधे शिकायत दर्ज कराई जा रही है। अब तक इस प्रक्रिया के तहत 21 प्रत्यक्ष शिकायतें दायर की जा चुकी हैं जिससे आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।


