Asian Games: एशियन गेम्स में भारतीय महिला निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। तिलोत्तमा सेन, विदर्शा विनोद और आशी चौकसी की तिकड़ी ने कुल 1763 अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रही। चीन ने 1773 अंकों के साथ खेलों के रिकॉर्ड के जरिए गोल्ड मेडल जीता, जबकि कजाखस्तान को ब्रॉन्ज मिला।
व्यक्तिगत फाइनल में भी दो भारतीय
टीम स्पर्धा में सिल्वर जीतने के साथ ही तिलोत्तमा सेन और विदर्शा विनोद ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बना ली है। व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में चीन की हान जियायू 594 अंकों के साथ शीर्ष पर रहीं। तिलोत्तमा ने 590 अंक हासिल कर तीसरा स्थान और विदर्शा ने 588 अंक के साथ छठा स्थान हासिल किया।
तिलोत्तमा का रहा दमदार प्रदर्शन
विश्व में 107वीं रैंकिंग पर काबिज तिलोत्तमा ने नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग तीनों पोजीशन में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल 590 अंक हासिल किए और व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में तीसरा स्थान हासिल कर आठ निशानेबाजों के फाइनल में अपनी जगह पक्की की। शुरुआती दौर से ही वह पदक की दौड़ में बनी हुई थीं।
आशी भी शीर्ष खिलाड़ियों में रहीं
आशी चौकसी ने क्वालिफिकेशन में कुल 585 अंक बनाए। शुरुआती चरणों में तिलोत्तमा और आशी शीर्ष निशानेबाजों में शामिल थीं। दोनों के प्रदर्शन ने टीम के कुल स्कोर को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया। व्यक्तिगत वर्ग में आशी और तिलोत्तमा शीर्ष तीन में रहे जिन्होंने 395.25 एक्स और 395.23 एक्स स्कोर किया।
विदर्शा ने की शानदार वापसी
विदर्शा विनोद ने नीलिंग चरण में कठिन शुरुआत के बाद शानदार वापसी की। उन्होंने तीनों पोजीशन में कुल 588 अंक बनाए और क्वालिफिकेशन में छठा स्थान हासिल किया। उनका यह प्रदर्शन भारतीय टीम के सिल्वर मेडल जीतने में महत्वपूर्ण रहा और उन्हें व्यक्तिगत फाइनल में भी पहुंचाया।
तीन पोजीशन में देने होते हैं 20-20 शॉट
50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस के क्वालिफिकेशन प्रारूप में निशानेबाजों को नीलिंग यानी घुटने के बल, प्रोन यानी पेट के बल और स्टैंडिंग यानी खड़े होकर शूटिंग करनी होती है। प्रत्येक पोजीशन में 20-20 शॉट लगाए जाते हैं। टीम स्पर्धा में तीनों खिलाड़ियों के संयुक्त स्कोर के आधार पर पदक तय होते हैं।
व्यक्तिगत फाइनल पर टिकी निगाहें
व्यक्तिगत स्पर्धा के लिए क्वालिफिकेशन में शीर्ष आठ निशानेबाज फाइनल में पहुंचते हैं। इसमें एक देश से अधिकतम दो निशानेबाजों को ही क्वालिफाई करने की अनुमति होती है। टीम स्पर्धा में रजत पदक पक्का करने के बाद अब भारतीय प्रशंसकों की निगाहें तिलोत्तमा सेन और विदर्शा विनोद के व्यक्तिगत फाइनल पर टिकी हैं।
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