दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष एनआईए अदालत ने आतंकी गतिविधियों के आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वानडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को बड़ी राहत दी है। विशेष जज प्रशांत शर्मा ने सभी सात विदेशी नागरिकों को एक महीने के लिए अपने-अपने देश जाकर परिजनों से मिलने की अनुमति प्रदान की है। अदालत ने पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि विदेश जाने का अधिकार भारतीय संविधान के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकार का ही एक भाग है। डिफॉल्ट बेल मिलने के बाद तिहाड़ जेल से इन सभी की रिहाई सुनिश्चित हो गई है।
#WATCH | Delhi: Myanmar Training Camp case | Two foreign nationals from Ukraine and the US were released from Tihar Jail.
The special NIA court at Rouse Avenue has granted permission to US National Matthew Aaron Vandyke and 6 Ukrainian nationals to travel to the USA and Ukraine… pic.twitter.com/D7BVx2faKC
— ANI (@ANI) September 24, 2026
विमान में चढ़ने के दिन से गिनी जाएगी 1 महीने की मियाद
कोर्ट ने अपने आदेश में सख्त शर्तें लागू की हैं। विदेश प्रवास की एक महीने की अवधि फ्लाइट में सवार होने की तिथि से प्रभावी होगी। अवधि समाप्त होते ही सभी को भारत वापस लौटना अनिवार्य होगा और वापसी के 72 घंटे के भीतर अदालत को सूचित करना होगा। इसके अतिरिक्त, सभी आरोपियों को 24 घंटे के भीतर अपना मोबाइल नंबर, ईमेल और पता एनआईए को सौंपना होगा। जांच एजेंसी द्वारा बुलाए जाने पर वीडियो कॉल या व्यक्तिगत रूप से जांच में सहयोग करना भी अनिवार्य किया गया है।
जेल में ‘अमेरिकन स्टाइल डाइट’ मांगने पर चर्चा में आया था अमेरिकी नागरिक
मामले में मुख्य आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वानडाइक पूर्व में जेल के भोजन को लेकर दी गई अर्जी के कारण चर्चा में रहा था। वानडाइक ने अदालत में शिकायत की थी कि जेल में मिलने वाला अधिक मसालेदार और तैलीय खाना उसके स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं है। उसने पास्ता, चिकन, रेड मीट, झींगा और ऑलिव ऑयल जैसी ‘अमेरिकन स्टाइल’ भोजन सामग्री उपलब्ध कराने तथा अपना खाना स्वयं पकाने की अनुमति मांगी थी।
यूक्रेनी नागरिकों को भी मिली राहत
अदालत ने वानडाइक के अलावा छह यूक्रेनी नागरिकों हुरबा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुखमानोव्स्की, स्टेफानकिव मारियन, होनचारुक मैक्सिम और कामिंस्की विक्टर को भी स्वदेश लौटने की स्वीकृति दी है। एनआईए के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि मामले की विवेचना जारी है, किंतु फिलहाल इन अभियुक्तों की तत्काल उपस्थिति की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही, 18 सितंबर की कंपाउंडिंग के आधार पर इमिग्रेशन व फॉरेनर्स एक्ट से डिस्चार्ज करने की आरोपी पक्ष की याचिका को भी अदालत ने स्वीकार कर लिया।
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