गाजीपुर के जमानियां क्षेत्र में कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने करीब दो दशक पुराने जमीन विवाद में कार्रवाई की। सब्बलपुर कलां गांव में पुलिस और राजस्व विभाग की टीम बुधवार को मौके पर पहुंची। प्रशासनिक टीम को देखते ही कब्जेदारों ने कच्चा निर्माण और टीनशेड खुद हटा दिया। इसके बाद करीब पांच मंडा भूमि की पैमाइश कर उसे संबंधित कास्तकारों के हवाले कर दिया गया।
जमीन पर कब्जे को लेकर था विवाद
अधिकारियों के अनुसार, बीरबल यादव पर त्रिलोकीनाथ उपाध्याय, सत्यप्रकाश, अखिलेश और बृजेश उपाध्याय की करीब पांच मंडा जमीन पर कच्चा निर्माण और टीनशेड डालकर लंबे समय से कब्जा करने का आरोप था। जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए कास्तकारों ने न्यायालय का रुख किया था। मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने जमीन खाली कराकर संबंधित कास्तकारों को सौंपने का आदेश दिया।
DM के निर्देश के बाद पहुंची टीम
कोर्ट के आदेश के अनुपालन में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद भी जमीन खाली नहीं होने पर बुधवार को राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन की टीम के साथ बुलडोजर भी मौजूद था। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
टीम देखते ही हटाने लगे निर्माण
प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा तो कब्जेदारों ने खुद ही कच्चे निर्माण और टीनशेड को हटाना शुरू कर दिया। इसके बाद विवादित जमीन खाली कर दी गई। कार्रवाई के दौरान गांव में लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही और किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। निर्माण हटाए जाने के बाद राजस्व कर्मचारियों ने जमीन की पैमाइश की और मौके पर निशानदेही की। प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब पांच मंडा भूमि संबंधित कास्तकारों को सौंप दी गई।
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