हरियाणा के कैथल जिले में जिला प्रशासन और पुलिस ने नशा तस्करी के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसके मकान को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई गांव तितरम में की गई, जहां जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण को गिराया गया। किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रशासन के मुताबिक, मकान का निर्माण बिना वैध अनुमति के किया गया था। कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति को निर्माण हटाने का नोटिस भी दिया गया था।
नोटिस के बाद भी नहीं हटाया निर्माण
DSP रोहताश ने मामले को लेकर प्रेस वार्ता में बताया कि तितरम निवासी अनिल के मकान को प्रशासन ने अवैध निर्माण के तौर पर चिन्हित किया था। उसे पहले नोटिस जारी कर निर्माण हटाने के लिए निर्धारित समय दिया गया था। समय सीमा के भीतर निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की। इसके बाद जेसीबी से मकान को गिरा दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई प्रशासनिक जांच में सामने आए निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन के आधार पर की गई।
आरोपी पर नशा तस्करी के 8 केस
पुलिस के अनुसार, अनिल के खिलाफ कैथल जिले में नशा तस्करी से जुड़े करीब आठ मामले दर्ज हैं। DSP ने कहा कि अपराध और अवैध नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और नशे के नेटवर्क पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में कार्रवाई
मकान ध्वस्तीकरण की कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट और कैथल नगर परिषद के ईओ संदीप सोलंकी की निगरानी में हुई। थाना तितरम प्रभारी इंस्पेक्टर वेदपाल समेत जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि उन्हें कहीं अवैध नशे के कारोबार या अन्य आपराधिक गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस के मुताबिक, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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