दिल्ली सरकार ‘दिल्ली लैंड रिकॉर्ड्स बिल, 2026’ लाने की तैयारी कर रही है। इस बिल में एक यूनिफाइड डिजिटल लैंड रिकॉर्ड सिस्टम और राजधानी में हर प्रॉपर्टी के लिए एक यूनिक ‘प्रॉपर्टी आधार कार्ड’ का प्रस्ताव है।
मंत्रियों के एक समूह ने इस ड्राफ्ट कानून की समीक्षा कर ली है और उम्मीद है कि इसे जल्द ही कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। मंज़ूरी मिलने के बाद, सरकार बिल को पेश करने और पास कराने के लिए दिल्ली विधानसभा का एक विशेष सत्र बुला सकती है।
जिस तरह आधार कार्ड ने हर नागरिक को एक विश्वसनीय पहचान दी, उसी तरह अब दिल्ली की हर प्रॉपर्टी की भी एक सुरक्षित और प्रमाणिक डिजिटल पहचान होगी।
इसी उद्देश्य से दिल्ली सरकार ‘दिल्ली लैंड रिकॉर्ड बिल, 2026’ लेकर आ रही है।
इसके तहत पूरी दिल्ली का वैज्ञानिक सर्वे कर डिजिटल लैंड… pic.twitter.com/saV2mp6OTs
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) July 30, 2026
हर प्रॉपर्टी के लिए यूनिक डिजिटल पहचान
प्रस्तावित प्रॉपर्टी आधार कार्ड के तहत, दिल्ली में हर रिहायशी और कमर्शियल प्रॉपर्टी को एक यूनिक प्रॉपर्टी ID दी जाएगी। यह ID ज़मीन के रिकॉर्ड के साइंटिफिक सर्वे और डिजिटाइज़ेशन के बाद दी जाएगी। डिजिटल कार्ड में एक QR कोड होगा, जिससे मालिक के प्रमाणित रिकॉर्ड, प्रॉपर्टी की सीमा और ज़मीन से जुड़ी दूसरी जानकारी तुरंत मिल सकेगी।
सर्वे में हर तरह की ज़मीन शामिल होगी और शहर भर में एक यूनिफाइड और प्रमाणित प्रॉपर्टी डेटाबेस बनाने के लिए हर बिल्डिंग की हर मंज़िल की जानकारी रिकॉर्ड की जाएगी।
साइंटिफिक सर्वे और डिजिटल मैपिंग
इस पहल में ज़मीन के रिकॉर्ड को डिजिटाइज़ करने के लिए ड्रोन-बेस्ड मैपिंग, ज्योग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम टेक्नोलॉजी और सर्वे ऑफ़ इंडिया की तकनीकी मदद ली जाएगी। यह केंद्र सरकार की SVAMITVA योजना पर आधारित है, जिसके तहत दिल्ली के 30 ग्रामीण गांवों के लिए स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किए गए थे।
डिजिटाइज़ किए गए रिकॉर्ड को बाद में ‘दिल्ली ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इंफॉर्मेशन सिस्टम’ के साथ जोड़ा जाएगा ताकि मालिकाना हक और रजिस्ट्रेशन डेटा को रियल-टाइम में अपडेट किया जा सके।
कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ाव और पारदर्शिता
प्रस्ताव के अनुसार, हर प्रॉपर्टी कार्ड में घर से जुड़ी जानकारी होगी, जैसे परिवार की डिटेल, जाति, पेशा, वैक्सीनेशन रिकॉर्ड और दिल्ली लक्ष्मी योजना और दिल्ली लखपति बिटिया योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाना।
सरकार ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि जब भी कोई प्रॉपर्टी बेची जाए, तो प्रॉपर्टी आधार कार्ड अपने आप नए मालिक के नाम ट्रांसफर हो जाए।
प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों में कमी
प्रस्तावित कानून का मकसद ज़मीन के रिकॉर्ड को डिजिटाइज़ करना, प्रॉपर्टी के लेन-देन में पारदर्शिता लाना, विरासत, लोन एप्लीकेशन और बिल्डिंग मंज़ूरी की प्रक्रियाओं को आसान बनाना और मालिकाना हक से जुड़े विवादों और प्रॉपर्टी से जुड़े लंबे समय से लंबित मुकदमों को काफी हद तक कम करना है।
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से ज़मीन के मैनेजमेंट में आधुनिकता आएगी और साथ ही दिल्ली भर में सुरक्षित, सटीक और आसानी से उपलब्ध प्रॉपर्टी रिकॉर्ड सुनिश्चित होंगे।
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