महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर(Chhatrapati Sambhajinagar) में त्योहारों के मौसम से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) की टीम ने चिकलठाणा MIDC स्थित अमोल दूध डेयरी पर छापा मारकर करीब 950 किलो संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की। इसकी अनुमानित कीमत 3 लाख 12 हजार 380 रुपये बताई गई है।
यह कार्रवाई ‘सुरक्षित अन्न, सुरक्षित महाराष्ट्र’ अभियान के तहत की गई। अधिकारियों को डेयरी में तैयार हो रहे पनीर और घी की गुणवत्ता को लेकर शक हुआ था। इसके बाद जांच तेज की गई और कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।
पनीर-घी बनाने में संदिग्ध सामग्री का इस्तेमाल
जांच के दौरान डेयरी से घी, क्रीम, एनालॉग पनीर और नॉन-फूड ग्रेड सोयाबीन तेल मिला। FDA को शुरुआती जांच में आशंका है कि इन चीजों का इस्तेमाल मिलावटी खाद्य उत्पाद तैयार करने में किया जा रहा था। हालांकि, सामग्री की वास्तविक गुणवत्ता और मिलावट की पुष्टि लैब जांच की रिपोर्ट आने के बाद होगी। अधिकारियों ने सभी संदिग्ध उत्पादों के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तीन आउटलेट्स पर भी पहुंची टीम
FDA की जांच में यह भी सामने आया कि डेयरी से शहर के टीवी सेंटर, कामगार चौक और श्रीराम चौक स्थित लक्ष्मी डेयरी के आउटलेट्स पर कथित तौर पर पनीर और घी की सप्लाई की जा रही थी। इसके बाद इन दुकानों पर भी कार्रवाई की गई। यहां से करीब 41 किलो गाय के घी के नमूने लेकर संबंधित स्टॉक को जब्त किया गया।
लाइसेंस निलंबित, डेयरी बंद
मामले की गंभीरता को देखते हुए FDA ने डेयरी की उत्पादन इकाई और उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही यूनिट को बंद करा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
हालिया महीनों में छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्र में FDA ने मिलावट के खिलाफ कई कार्रवाई की हैं जिससे खाद्य सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ने की बात सामने आई है।
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