Delhi-Varanasi Vande Bharat Sleeper: दिवाली और छठ पूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोग दिल्ली और दूसरे शहरों से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड स्थित अपने घरों की ओर जाते हैं। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे हर साल स्पेशल ट्रेनें चलाता है। इसी कड़ी में भारतीय रेलवे दिल्ली से वाराणसी के बीच देश की दूसरी सेमी हाई-स्पीड स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
नई दिल्ली और वाराणसी के बीच चलेगी ट्रेन
जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित ट्रेन नई दिल्ली और वाराणसी के बीच रात में चलेगी और इसका रूट कानपुर व प्रयागराज से होकर होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इसका ट्रायल रन इसी महीने शुरू हो सकता है और दिवाली से पहले नियमित सेवा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, रेलवे बोर्ड ने अभी ट्रेन नंबर, किराया और नियमित संचालन की तारीख आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की है।
वाराणसी से रात 9:20 बजे रवाना होने का प्रस्ताव
प्रस्तावित टाइम टेबल में ट्रेन वाराणसी कैंट से रात 9:20 बजे रवाना होगी। इसके बाद रात 10:45 बजे प्रयागराज पहुंचेगी और करीब 12:35 बजे कानपुर सेंट्रल से गुजरेगी। सुबह 5 बजे नई दिल्ली पहुंचने का प्रस्ताव है। वापसी में ट्रेन नई दिल्ली से रात 9:20 बजे चलकर सुबह 5 बजे वाराणसी पहुंच सकती है। हालांकि, ट्रायल और जरूरी मंजूरियों के बाद समय में बदलाव संभव है।
160 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी स्पीड
नई स्लीपर वंदे भारत को 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की योजना है। दिल्ली से वाराणसी की दूरी करीब 760 किलोमीटर है। अधिकतम गति मिलने पर ट्रेन करीब 5 घंटे 15 मिनट में यह दूरी तय कर सकती है। हालांकि, वास्तविक परिचालन गति ट्रैक की स्थिति और रेलवे के ‘मिशन रफ्तार’ के तहत चल रहे काम की प्रगति पर निर्भर करेगी।
बिहार के यात्रियों को भी मिल सकती है राहत
दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए भी उपयोगी हो सकती है। वाराणसी से पटना के बीच यह सेवा एक तरह के ब्रिज की भूमिका निभा सकती है। इससे दिल्ली से बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को वाराणसी के जरिए कनेक्टिविटी का ऑप्शन मिल सकता है।
16 कोच में 823 यात्रियों की क्षमता
प्रस्तावित ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे और इनमें 823 यात्रियों के बैठने-सोने की क्षमता होगी। ट्रेन में 11 AC-3, 4 AC-2 और 1 फर्स्ट AC कोच शामिल होंगे। स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों को आधुनिक वंदे भारत ट्रेनों से जुड़ी सुविधाएं देने की योजना है। इसके प्राथमिक रखरखाव की जिम्मेदारी उत्तर रेलवे के पास रहने की उम्मीद है।
हावड़ा-कामाख्या के बाद दूसरी स्लीपर वंदे भारत
दिल्ली-वाराणसी सेवा देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत सेवा होगी। इससे पहले हावड़ा-कामाख्या रूट पर स्लीपर वंदे भारत ऑपरेशनल है। दिल्ली-वाराणसी ट्रेन के नंबर, किराए और नियमित संचालन की तारीख का ऐलान रेलवे बोर्ड की ओर से अभी नहीं किया गया है। ट्रायल रन और परिचालन मंजूरियों के बाद इन पर अंतिम फैसला होगा।
भारत-रूस की साझेदारी से बन रहे ट्रेनसेट
स्लीपर वंदे भारत ट्रेनसेट भारत-रूस की संयुक्त साझेदारी के तहत बनाए जा रहे हैं। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) और रूसी कंपनी ट्रांसमाशहोल्डिंग (टीएमएच) ने किन्नेट रेलवे सॉल्यूशंस लिमिटेड का गठन किया है। यह कंपनी महाराष्ट्र के मराठवाड़ा स्थित कारखाने में 120 स्लीपर वंदे भारत ट्रेनसेट बनाएगी। प्रत्येक ट्रेनसेट में 16 कोच होंगे।
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