PM Modi Inaugurates Global Fintech Fest: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने भारत की डिजिटल क्रांति में UPI की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि ‘UPI भारत के विकास की कहानी है।’ प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि करीब 10 साल पहले जब बैंक खाते को लोगों की उंगलियों तक पहुंचाने की बात कही जाती थी, तब कई लोगों को यह संभव नहीं लगता था, लेकिन आज यह हकीकत बन चुका है।
दूसरे देशों तक बढ़े UPI का दायरा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को उन देशों में भी UPI का विस्तार करना चाहिए, जिनके साथ उसका व्यापार होता है। उन्होंने भारत-सिंगापुर के बीच डिजिटल भुगतान की सुविधा का उदाहरण देते हुए कहा, ”हमें उन देशों में भी UPI का विस्तार करना चाहिए, जिनके साथ भारत व्यापार करता है। भारत और सिंगापुर के बीच UPI से लेन-देन करना उतना ही आसान हो गया है, जितना दो भारतीय शहरों के बीच होता है।”
मुश्किल दौर में 7.8% की विकास दर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय संघर्ष और मुश्किलों के दौर से गुजर रही है। ऊर्जा और वस्तुओं की सप्लाई चेन पर दबाव बना हुआ है और कई महीनों से परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। अप्रैल से जून की तिमाही भी विशेष रूप से कठिन रही। ऐसे माहौल में भारत की 7.8% विकास दर दुनिया के लिए नए भरोसे का संकेत देती है।
भारत पर बढ़ा वैश्विक भरोसा
पीएम मोदी ने भारत की संप्रभु रेटिंग में सुधार को भी देश पर बढ़ते भरोसे का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि हाल ही में जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की संप्रभु रेटिंग को ‘ए’ श्रेणी में अपग्रेड किया है। प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, यह बदलाव करीब तीन दशकों यानी 30 सालों के बाद संभव हुआ है।
फिनटेक चर्चा में UPI सबसे आगे
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की फिनटेक यात्रा को उल्लेखनीय बताते हुए UPI को इसका प्रमुख उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत में डिजिटल भुगतान ने इतना बड़ा बदलाव किया है कि भविष्य में जब भी फिनटेक की चर्चा होगी, UPI के बिना वह चर्चा अधूरी रहेगी।
10 साल में बदली डिजिटल बैंकिंग
पीएम मोदी ने कहा कि एक दशक पहले जब वह कहते थे कि लोगों का बैंक उनकी उंगलियों पर होगा, तो कुछ जानकार लोगों को भी यह बात असंभव लगती थी। उन्होंने कहा कि जिस समय वह कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे, उस दौरान लगभग 50,000 UPI लेनदेन हो चुके होंगे। यह डिजिटल भुगतान के बड़े पैमाने और उसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
युवाओं से बढ़ रही नई संभावनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में हर बार शामिल होने के साथ विकसित भारत के लक्ष्य में उनका विश्वास और मजबूत होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि, ‘जब भी मैं यहाँ आता हूं, मुझे और अधिक ऊर्जा मिलती है, अधिक युवा दिखाई देते हैं तो संभावनाओं का दायरा बढ़ता हुआ दिखाई देता है। ऐसा लगता है जैसे जोखिम लेने की क्षमता पर बोझ कम हो रहा है और सपने साकार होते नज़र आ रहे हैं।’
2020 में हुई थी GFF की शुरुआत
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट यानी GFF को वर्ष 2020 में आकार दिया गया था। यह ऐसा मंच है जहां नीति, नियम, तकनीक और उद्योग से जुड़े लोग एक साथ आते हैं। केंद्रीय बैंक, वित्तीय संस्थान, टेक कंपनियों और दुनिया के अन्य विशेषज्ञ यहां अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हैं।
डिजिटल पेमेंट और वित्तीय समावेशन पर जोर
GFF का प्रमुख उद्देश्य डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भारत की भूमिका को और मजबूत करना है। इसके साथ ही सम्मेलन का लक्ष्य नई तकनीकी और वित्तीय संभावनाओं को वास्तविक और जमीनी असर में बदलने के लिए वैश्विक स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देना है।
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