अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य अभियान पर अब तक करीब 37.5 अरब डॉलर (लगभग 3.2 लाख करोड़ रुपये) खर्च हो चुके हैं। उन्होंने अमेरिकी सीनेट की विनियोग समिति के समाने पेश होकर युद्ध जारी रखने के लिए 67 अरब डॉलर की अतिरिक्त धनराशि की मांग की।
सीनेट में रक्षा मंत्री से तीखे सवाल
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान सांसदों ने युद्ध की लागत और इसके परिणामों को लेकर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन से कड़े सवाल किए। डेमोक्रेटिक सीनेटर गैरी पीटर्स ने कहा कि सरकार युद्ध में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी, फिर भी कांग्रेस से लगभग 70 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि मांगी जा रही है। वहीं रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कैनेडी ने भी सरकार से युद्ध पर होने वाले खर्च और उसकी रणनीति को लेकर जवाब देने की मांग की है।
पहले के अनुमान से कहीं अधिक बढ़ा खर्च
रक्षा मंत्री द्वारा बताया गया 37.5 अरब डॉलर का आंकड़ा इससे पहले अप्रैल में रक्षा विभाग की ओर से दिए गए 25 अरब डॉलर के अनुमान से काफी अधिक है। उस समय अधिकारियों ने बताया था कि खर्च का बड़ा हिस्सा हथियारों, सैन्य अभियानों और उपकरणों के रखरखाव पर हुआ।
हथियारों का भंडार घटने की चिंता
रक्षा मंत्री ने कहा कि अतिरिक्त 67 अरब डॉलर का बड़ा हिस्सा हथियारों के भंडार को फिर से भरने, नए सैन्य उपकरण खरीदने, सैनिकों के वेतन, ट्रेनिंग और संचालन संबंधी खर्चों पर लगाया जाएगा। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के विश्लेषण के अनुसार, ईरान के खिलाफ अभियान में अमेरिका ने अपने कई हथियारों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पैट्रियट, THAAD, स्टैंडर्ड मिसाइल-3 (SM-3) और प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल (PrSM) जैसे कई प्रमुख हथियारों का भंडार युद्ध-पूर्व स्तर के मुकाबले 50 प्रतिशत या उससे कम रह गया है।
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