उत्तर प्रदेश में बेहतर सड़क नेटवर्क और तेज विकास को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने विंध्य एक्सप्रेसवे(Vindhya Expressway) परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले की जानकारी कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने दी। करीब 333 किलोमीटर लंबा यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जैसे महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ेगा। इस परियोजना पर लगभग 26,315 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। माना जा रहा है कि इससे विंध्य क्षेत्र में कारोबार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विंध्य एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) की निगरानी में किया जाएगा। इसे तीन साल यानी 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। शुरुआत में यह 6 लेन का एक्सप्रेसवे होगा जिसे भविष्य में जरूरत के अनुसार 8 लेन तक विस्तार दिया जा सकेगा। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र से शुरू होकर गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और सोनभद्र के बभनी क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सीमा के पास समाप्त होगा।
आधा हो जाएगा प्रयागराज से सोनभद्र का सफर
एक्सप्रेसवे बनने के बाद प्रयागराज से सोनभद्र की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। वर्तमान में जहां इस सफर में करीब छह घंटे लगते हैं, वहीं नई सड़क सुविधा से यह दूरी लगभग तीन घंटे में पूरी हो सकेगी। इससे यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ ही माल परिवहन तेज होगा और ईंधन व समय की बचत होगी। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों से संपर्क भी मजबूत होगा।
विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी
सरकार ने विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी है। यह चंदौली से गाजीपुर तक बनेगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इसके साथ ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने की योजना को भी आगे बढ़ाया गया है।
इन सभी परियोजनाओं से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।