कानपुर(Kanpur) पुलिस ने नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर की जा रही धोखाधड़ी का खुलासा किया है। हनुमंत विहार थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने ‘विन मेकर आयुर्वेदा प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से चल रहे कथित फर्जी नेटवर्क को पकड़ते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने देश के कई राज्यों के बेरोजगार युवाओं को नौकरी और अच्छी कमाई का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। जांच में सामने आया कि आरोपित युवाओं को हर महीने 20 से 25 हजार रुपये कमाने का सपना दिखाते थे।
इसके बाद कंपनी में शामिल होने के नाम पर उनसे 15 हजार से 30 हजार रुपये तक लिए जाते थे। कई मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम पर दो अलग-अलग आईडी बनाकर करीब 24 हजार रुपये तक वसूले गए। पुलिस के मुताबिक, पैसे देने के बाद सदस्यों पर नए लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। इस तरह पिरामिड चेन सिस्टम के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ा गया और उनसे रकम जुटाई गई।
संदिग्ध हेल्थ प्रोडक्ट्स की भी जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि नेटवर्क से जुड़े लोगों को हेल्थ और रोजमर्रा इस्तेमाल के उत्पाद दिए जाते थे। आरोप है कि इनमें से कुछ उत्पादों को बिना जरूरी लाइसेंस और पर्याप्त जांच के तैयार किया जा रहा था। अब पुलिस इन उत्पादों की गुणवत्ता और वैधता की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने बरामद किए दस्तावेज और सामान
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन, एक सीपीयू, नकदी और ठगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया गया है। फिलहाल पुलिस कंपनी के बैंक खातों, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और कुल ठगी की रकम का पता लगाने में जुटी है।