जैस्मिन लंबोरिया ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 57 किग्रा बॉक्सिंग इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने एक रोमांचक फ़ाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को हराया। भारतीय बॉक्सर ने पूरे मुक़ाबले के दौरान ज़बरदस्त संयम, सटीकता और आक्रामकता दिखाई और जीत हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने ग्लासगो में भारत के शानदार बॉक्सिंग अभियान में एक और गोल्ड मेडल जोड़ा।
शानदार फ़ॉर्म के साथ फ़ाइनल में पहुंचीं जैस्मिन ने खिताबी मुक़ाबले में भी अपनी लय बनाए रखी। उन्होंने अपने तेज़ फ़ुटवर्क, तेज़ी से किए गए कॉम्बिनेशन और अनुशासित डिफ़ेंस के दम पर पहले राउंड से ही वॉल्श पर दबाव बनाए रखा। भारतीय बॉक्सर ने लगातार सटीक पंच मारे और साथ ही अपनी अनुभवी प्रतिद्वंद्वी के हमलों को भी नाकाम किया। उन्होंने अपनी रणनीतिक समझ से जजों को प्रभावित किया।
JAISMINE LAMBORIA WINS THE GOLD MEDAL FOR INDIA IN WOMEN’S 57KG 🥇
– 2nd Boxing Gold for India at CWG 2026! pic.twitter.com/RPpJeKBoa2
— The Khel India (@TheKhelIndia) August 1, 2026
यह जीत जैस्मिन के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रही। इंटरनेशनल सर्किट में कई उतार-चढ़ाव देखने के बाद, हरियाणा की इस बॉक्सर ने सबसे अहम मौक़े पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने से भारत की प्रमुख महिला बॉक्सर्स में उनकी जगह और पक्की हो गई और उनकी बरसों की कड़ी मेहनत और लगन का फल उन्हें मिला।
जैस्मिन की जीत ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग में भारत के दबदबे को और मज़बूत किया, जहाँ कई भारतीय बॉक्सर्स ने यादगार मेडल जीते। उनके गोल्ड मेडल ने देश की मेडल टैली को और बढ़ाया और भारतीय बॉक्सिंग टीम में मौजूद टैलेंट की गहराई को भी दिखाया।
कॉमनवेल्थ गेम्स का ख़िताब अपने नाम करने के बाद, जैस्मिन लंबोरिया अब ग्लासगो में मिली सफलता से मिले ज़बरदस्त आत्मविश्वास के साथ आने वाले ग्लोबल मुक़ाबलों पर ध्यान देंगी। माइकेला वॉल्श के ख़िलाफ़ उनके संयमित प्रदर्शन से भारतीय बॉक्सर्स की अगली पीढ़ी को प्रेरणा मिलने की उम्मीद है, साथ ही इससे इंटरनेशनल बॉक्सिंग में भारत का बढ़ता कद भी साबित होता है।
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