विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में जारी हिंसा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भारत ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वहां शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग किया जा रहा है और हालात चिंताजनक बने हुए हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेने और पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय ने लगाए गंभीर आरोप
शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि PoK में शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई कर रहा है। उनके अनुसार, इस कार्रवाई में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान सरकार का रवैया उस समय भी सामने आया, जब उसके रक्षा मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को ही देश का दुश्मन बताया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि जिन मुजाहिदीन को पाकिस्तान ने प्रशिक्षण, हथियार और आर्थिक सहायता देकर भारत भेजा था, वही अब पाकिस्तान के लिए सुरक्षा चुनौती बन गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की अपील
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि PoK में कराए गए चुनाव पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान के लिए जनता की नाराजगी का संकेत हैं। उनके मुताबिक, क्षेत्र के लोगों ने अवैध हत्याओं की स्वतंत्र जांच कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हस्तक्षेप की मांग की है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा है कि वह पाकिस्तान की इन कार्रवाइयों की गंभीरता से जांच करे और मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में उसे जवाबदेह ठहराने की दिशा में कदम उठाए।
रावलकोट में तनाव
इस बीच, रावलकोट क्षेत्र में सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों के कारण गुरुवार को भी तनाव बना रहा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस सप्ताह हुई हिंसक घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब PoK में क्षेत्रीय चुनाव जारी हैं। JAAC से जुड़े प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर मुजफ्फराबाद की ओर मार्च करने पर अड़े हुए हैं और इस्लामाबाद पर अपनी मांगें मानने का दबाव बना रहे हैं।
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