US-Iran Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन उनकी राय में वह सही डील के लिए तैयार नहीं है। जॉइंट बेस एंड्रयूज पर पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने संकेत दिया कि वॉशिंगटन आगे कदम उठाने से पहले हालात पर नजर रख रहा है।
सैन्य ऑप्शन अभी भी खुले
जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्प सीमित हो गए हैं, तो उन्होंने इससे साफ इनकार किया। ट्रंप ने कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं। इसका बस इतना मतलब है कि हम देख रहे हैं कि आगे क्या होता है। उनके पास पैसे नहीं हैं। नेवी नहीं है, एयर फोर्स नहीं है। वे अपने सैनिकों और पुलिस को पैसे नहीं दे पा रहे हैं और वहां महंगाई दर 350% है।”
होर्मुज को बताया अमेरिकी इलाका
ट्रंप ने होर्मुज को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “होर्मुज से जुड़े पूरे इलाके पर हमारा कंट्रोल है और इसका मतलब है कि जमीनी इलाकों पर भी हमारा कंट्रोल है। इसलिए वे समझौता करना तो चाहेंगे लेकिन मेरी राय में वे सही समझौता करने के लिए तैयार नहीं हैं।” साउथ कैरोलिना में एक रैली के दौरान भी ट्रंप ने दोहराया कि “मैं अभी भी होर्मुज को अमेरिकी इलाका मानता हूं। यह अमेरिकी इलाका है।”
ईरान को परमाणु हथियार नहीं लेने देंगे- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के परमाणु बनाने को लेकर भी बयान दिया है। ट्रंप ने कहा, “हम ईरान को परमाणु हथियार नहीं हासिल करने दे सकते, वरना बहुत बुरी चीजें होंगी।” उन्होंने आगे कहा, “हमने जाकर उन्हें रोका। उनके पास कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे।”
ईरान ने दी करारे जवाब की धमकी
ट्रंप के बयानों के बीच ईरान ने भी अमेरिका को जवाब देने की चेतावनी दी है। ईरान की सशस्त्र सेनाओं के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि तेहरान कई मोर्चों पर जवाब देने के लिए तैयार है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अब्दुल्लाही ने कहा कि जमीन, समुद्र, हवा, एयर डिफेंस और साइबर स्पेस में तैयार ईरानी सशस्त्र सेनाएं दुश्मन की नई धमकियों का करारा और विनाशकारी जवाब देंगी।
अमेरिका के बैन से बढ़ा तनाव
ईरान ने यह चेतावनी तब दी है जब अमेरिका ने तेहरान पर इतिहास के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की बात कही है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, “यह दोहरा प्रहार है। हमारे पास नाकेबंदी है और हम इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाने जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा “हम इस शासन को गिरा देंगे।”
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