प्रदर्शनकारियों के समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। बुधवार को एक वकील ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के सामने इस मामले को जनहित याचिका के रूप में पेश किया था। याचिकाकर्ता की ओर से प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई से जुड़े वीडियो देखने का अनुरोध किया गया लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया।
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने के लिए पर्याप्त समय नहीं है और वह इस तरह की सामग्री देखने में रुचि नहीं रखती। जब वकील ने दोबारा छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट के वीडियो देखने का आग्रह किया तो CJI ने कहा कि अदालत और उनका समय इस तरह बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए।
संसद मार्च के दौरान हुआ था लाठीचार्ज
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर 20 जुलाई को संसद मार्च का आयोजन किया था। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ रहे थे जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने यह कार्रवाई की थी। इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना में 100 से अधिक लोगों को चोटें आई थीं। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले में तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है और आगे की प्रक्रिया याचिका की नियमित सुनवाई के आधार पर आगे बढ़ेगी।