America MQ-9 Reaper Drone: ईरान के IRGC ने दावा किया है कि उसने रविवार को दक्षिणी ईरान के अहवाज इलाके में अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, IRGC की एयरोस्पेस फोर्स की ओर से संचालित आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने इस ड्रोन को निशाना बनाकर गिराया। हालांकि, अमेरिका की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बढ़ा तनाव
यह दावा ऐसे समय में किया गया है, जब ईरान पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जारी रखने की बात कह रहा है। ऐसे में अमेरिकी सैन्य तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। खास बात यह है कि जिस MQ-9 रीपर ड्रोन को ईरान ने मार गिराने का दावा किया है, उसी मॉडल के ड्रोन भारत भी अमेरिका से खरीद रहा है।
भारत की बड़ी रक्षा डील
भारत और अमेरिका के बीच 31 एमक्यू-9 ड्रोन खरीदने का लगभग 32,000 करोड़ रुपये का समझौता हुआ है। इस सौदे के तहत 15 ड्रोन भारतीय थलसेना को दिए जाएंगे, जबकि 8-8 ड्रोन भारतीय वायुसेना और नौसेना को मिलेंगे। इन ड्रोन का उद्देश्य भारत की निगरानी क्षमता को और अधिक मजबूत करना है, ताकि सीमाओं और समुद्री क्षेत्रों पर बेहतर निगरानी रखी जा सके।
क्या है MQ-9 रीपर की खासियत?
एमक्यू-9 रीपर ड्रोन लंबी दूरी की निगरानी और सटीक हमले करने की क्षमता के लिए जाना जाता है। यह ड्रोन लगातार 40 घंटे तक उड़ान भर सकता है और 40,000 फीट की ऊंचाई से निगरानी के साथ जरूरत पड़ने पर सटीक हमला भी कर सकता है। यही वजह है कि इसे दुनिया के सबसे उन्नत सैन्य ड्रोन में गिना जाता है।
भारत में भी होगा निर्माण
भारत-अमेरिका रक्षा समझौते के तहत खरीदे जाने वाले 31 ड्रोन में से 21 का असेंबली काम भारत में ही किया जाएगा। इसके अलावा, इस ड्रोन का निर्माण करने वाली अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स भारत में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सुविधा केंद्र भी बनाएगी। इससे भविष्य में रखरखाव और तकनीकी सहायता के लिए भारत की विदेशी निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, ईरान के केंद्रीय खात्म अल-अनबिया मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ने किसी भी तरह का हमला किया तो ईरान की सेना उसका बेहद कड़ा जवाब देगी। अब्दुल्लाही ने कहा कि ईरान किसी भी तरह की लालच, दबाव बनाने की कोशिश, विस्तारवादी नीति या अत्याचार का जवाब निर्णायक और भारी तरीके से देगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे किसी भी संघर्ष का नुकसान अमेरिका को पहले और दूसरे बड़े युद्धों से भी ज्यादा उठाना पड़ सकता है।
Read More:

