हिमाचल प्रदेश स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी परिसर में जन्माष्टमी कार्यक्रम के दौरान लगाए गए एक विवादित पोस्टर को लेकर भारी बवाल खड़ा हो गया है। ऑडिटोरियम के बाहर ‘द टाइमलेस विजडम’ शीर्षक से लगाए गए इस पोस्टर में वर्ण व्यवस्था का उल्लेख करते हुए शूद्र वर्ग की भूमिका ‘उच्च वर्गों की सेवा करना’ दर्शाया गया था। पोस्टर में दो श्लोकों के साथ ब्राह्मणों को ईश्वर का संदेश फैलाने वाला, क्षत्रियों को समाज व आध्यात्मिकता का रक्षक और वैश्यों को अर्थव्यवस्था चलाने वाला बताया गया था। मामला तूल पकड़ते ही संस्थान प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की गहन जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया है।
संस्थान का स्पष्टीकरण
आईआईटी मंडी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जन्माष्टमी समारोह संस्थान का आधिकारिक या प्रायोजित कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इसे पूरी तरह छात्रों द्वारा आयोजित किया गया था। विवाद सामने आने के बाद गठित जांच समिति यह पता लगाएगी कि पोस्टर किसने बनाया, परिसर में किसकी अनुमति से लगा और इसके पीछे क्या मंशा थी। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस जांच समिति में संकाय सदस्यों के अलावा अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समेत विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निदेशक और रजिस्ट्रार का बयान: संविधान और समानता के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता
आईआईटी मंडी के रजिस्ट्रार डॉ. केएस पांडेय ने कहा कि संस्थान किसी भी सूरत में ऐसी आपत्तिजनक गतिविधियों का समर्थन नहीं करता और नियमों के तहत कार्रवाई होगी। वहीं, निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि यह छात्रों द्वारा भगवद्गीता की अपने स्तर पर की गई व्याख्या का परिणाम था। उन्होंने जोर देकर कहा कि आईआईटी मंडी समानता, सामाजिक न्याय, वैज्ञानिक सोच और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
निदेशक प्रो. बेहरा का विवादों से पुराना नाता
आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा अपने अजीबोगरीब बयानों को लेकर पहले भी विवादों में रह चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने छात्रों से मांस न खाने की अपील करते हुए हिमाचल में भूस्खलन और बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं को पशु क्रूरता से जोड़ा था। इसके अलावा मंत्रों के जाप से बुरी आत्माएं भगाने का दावा करने वाला उनका एक वीडियो भी वायरल हो चुका है। इस्कॉन से जुड़े रहे प्रो. बेहरा पिछले 27 वर्षों से भगवद्गीता के प्रचार-प्रसार में लगे हैं और उनके कार्यकाल में आईआईटी मंडी में गीता पर आधारित तीन क्रेडिट का पाठ्यक्रम भी पढ़ाया जाता है।
READ MORE: सोना खरीदने का बना रहे हैं मन? रुकिए! दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज की इस रिपोर्ट को पढ़कर उड़ जाएंगे होश

