वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर(Banke Bihari temple) से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। संत फलाहारी महाराज ने दावा किया है कि मंदिर से चांदी का रथ, चांदी का सिंहासन, चार चांदी के पलंग और कई अन्य कीमती वस्तुएं गायब हैं। इस मामले को लेकर उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर इस पूरे मामले की स्वतंत्र और बारीकी से जांच कराने की मांग की है। फलाहारी महाराज का कहना है कि बांके बिहारी जी वर्षों से रथ यात्रा के दौरान चांदी के रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते थे लेकिन इस बार रथ दिखाई नहीं दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा से चढ़ाई गई कई बहुमूल्य वस्तुओं का भी पता नहीं चल रहा है। उन्होंने CM योगी से मांग की है कि मामले की जांच सीबीआई या एसआईटी जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होने का आरोप
संत फलाहारी महाराज ने कहा कि देश-विदेश से आने वाले भक्त भगवान की सेवा के लिए सोने-चांदी के आभूषण और अन्य वस्तुएं दान करते हैं। श्रद्धालुओं की भावना होती है कि ये चीजें केवल ठाकुर जी की सेवा में इस्तेमाल हों।
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय में कई महत्वपूर्ण वस्तुएं गायब होती चली गईं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुराने सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड की जांच से पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है।
साधु-संतों ने जताई नाराजगी
इस मामले को लेकर कई साधु-संतों ने चिंता जताई है। मंदिर से जुड़े सेवायत गोस्वामियों और अन्य लोगों ने भी परंपराओं के प्रभावित होने पर सवाल उठाए हैं। कुछ संतों ने मंदिर की संपत्तियों और दान सामग्री की सुरक्षा को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल यह मामला आरोपों और जांच की मांग तक सीमित है। आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।