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पर्चियां बनाईं, प्रश्न रटे… ऐसे हुआ था NEET का पेपर लीक, NTA के 3 एक्सपर्ट्स ही निकले मास्टरमाइंड, CBI ने किया बड़ा खुलासा

NEET UG 2026 Paper Leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 के पेपर लीक मामले में CBI ने बड़ा दावा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार यह कोई सामान्य पेपर लीक नहीं था, बल्कि कई राज्यों में फैला एक प्लांड नेटवर्क था, जिसमें परीक्षा से जुड़े लोग, कोचिंग संचालक, बिचौलिए और दलाल शामिल थे। CBI ने इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। हालांकि, चार्जशीट में कुछ तकनीकी कमियां होने के कारण अदालत ने फिलहाल उस पर संज्ञान नहीं लिया है।

महीनों पहले रची गई थी साजिश

CBI के मुताबिक, पेपर लीक की पूरी योजना परीक्षा से ठीक पहले नहीं बल्कि कई महीने पहले तैयार कर ली गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले से नेटवर्क बनाकर गोपनीय प्रश्नपत्र बाहर पहुंचाने की व्यवस्था की थी। एजेंसी का कहना है कि यह एक संगठित आपराधिक साजिश थी, जिसमें अलग-अलग राज्यों के कई लोग शामिल थे।

NTA के तीन सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स पर आरोप

चार्जशीट में NTA द्वारा नियुक्त तीन सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें बॉटनी, केमिस्ट्री और फिजिक्स के एक्सपर्ट्स शामिल हैं। CBI का आरोप है कि इन एक्सपर्ट्स ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गोपनीय प्रश्नपत्रों तक पहुंच बनाई और उन्हें साजिश में शामिल लोगों तक पहुंचाया। एजेंसी के अनुसार इन एक्सपर्ट्स को एग्जाम से काफी पहले ही इस नेटवर्क का हिस्सा बना लिया गया था।

कोचिंग संचालकों और बिचौलियों का नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया कि पेपर लीक कराने के लिए कोचिंग संचालकों, ब्रोकरों और बिचौलियों का पूरा नेटवर्क तैयार किया गया था। चार्जशीट के मुताबिक, प्रश्नपत्र पहले कुछ चुनिंदा लोगों तक पहुंचाया गया और फिर कई स्तरों से गुजरते हुए अभ्यर्थियों तक पहुंचा।

WhatsApp, Telegram और PDF के जरिए भेजे गए प्रश्न

CBI के अनुसार, लीक हुए प्रश्नपत्र WhatsApp, Telegram और PDF के जरिए साझा किए गए। जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। इनमें चैट, दस्तावेज और लीक हुए प्रश्नों से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।

मोबाइल फोन से मिले अहम डिजिटल सबूत

जांच एजेंसी ने बताया कि आरोपी यश यादव के मोबाइल फोन से लीक हुए NEET प्रश्नों की PDF फाइल और Telegram चैट बरामद हुई है। फोन में AP Broker नाम से सेव मोबाइल नंबर की पहचान सह-आरोपी शुभम मधुकर खैरनार के रूप में हुई। इसके अलावा मोबाइल में NEET 2026 नाम का एक WhatsApp ग्रुप भी मिला, जिसे CBI इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी मान रही है।

ऐसे लीक हुआ प्रश्नपत्र

CBI के मुताबिक, डिजिटल सबूत, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को जोड़ने के बाद पूरे नेटवर्क की तस्वीर सामने आई। जांच में पता चला कि लीक हुए प्रश्न पहले NTA के सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स से निजी ऑपरेटरों और बिचौलियों तक पहुंचे। इसके बाद इन्हें अलग-अलग माध्यमों से अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।

25 लाख रुपये में खरीदा गया लीक प्रश्नपत्र

चार्जशीट में दावा किया गया है कि आरोपी शुभम मधुकर खैरनार ने धनंजय लोखंडे से 25 लाख रुपये देकर लीक हुआ प्रश्नपत्र हासिल किया। CBI के अनुसार, धनंजय लोखंडे को यह प्रश्नपत्र मनीषा संजय वाघमारे से मिला था। जांच एजेंसी का कहना है कि मनीषा वाघमारे का संपर्क NTA के केमिस्ट्री सब्जेक्ट एक्सपर्ट प्रह्लाद कुलकर्णी से था। कुलकर्णी ने केमिस्ट्री प्रश्नपत्र के मराठी से अंग्रेजी बैक ट्रांसलेशन पर काम किया था।

4 लाख रुपये में छात्रों को ऑफर

CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ छात्रों और उनके अभिभावकों को 4 लाख रुपये लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की पेशकश की गई थी। एजेंसी के अनुसार, NTA के एक विषय विशेषज्ञ ने पर ऑफलाइन रिवीजन क्लास भी की थी, जहां लीक से जुड़े सवालों पर चर्चा होने की आशंका जताई गई है।

भुगतान की सुरक्षा के लिए रखे गए दस्तावेज

जांच के दौरान CBI ने कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए हैं। इनमें छात्रों की 10वीं और 12वीं की मूल मार्कशीट, प्रमाणपत्र और हस्ताक्षर किया हुआ खाली चेक शामिल है। एजेंसी का मानना है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल भुगतान की सुरक्षा के तौर पर किया जा रहा था।

इन कानूनों के तहत हुई कार्रवाई

CBI ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) और Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के तहत मामला दर्ज किया है। इन्हीं कानूनों के तहत आरोपियों के खिलाफ जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

न्यायिक हिरासत में सभी आरोपी

चार्जशीट के अनुसार, इस मामले में नामजद सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। CBI का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक सबूत इस पूरे मामले की सबसे मजबूत कड़ी हैं। एजेंसी का दावा है कि मोबाइल डेटा, चैट, कॉल डिटेल, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पूरे पेपर लीक नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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