स्पेन का स्यूटा शहर इन दिनों बड़े पैमाने पर हुई अवैध घुसपैठ को लेकर वैश्विक चर्चा में है। अफ्रीका के उत्तरी तट पर स्थित इस स्पेनिश शहर में पड़ोसी देश मोरक्को से करीब 60 हजार अवैध प्रवासी समुद्र और जमीनी रास्तों से पहुंच गए। लगभग 84 हजार आबादी वाले इस शहर में अचानक प्रवासियों की संख्या स्थानीय आबादी के लगभग 70 प्रतिशत के बराबर पहुंच गई, जिससे प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो गई। स्पेन सरकार के अनुसार, हालात को नियंत्रित करने के दौरान हुई घटनाओं में अब तक 67 लोगों की मौत हो चुकी है।
सीमा पर अफरा-तफरी
घुसपैठ के दौरान बड़ी संख्या में लोग समुद्र तैरकर, फ्लोटिंग ट्यूब के सहारे या नावों के जरिए सीमा पार करने की कोशिश करते दिखाई दिए। स्थिति को काबू में करने के लिए स्पेन को स्यूटा में सेना तैनात करनी पड़ी। सुरक्षा बलों ने भीड़ को रोकने के लिए हवाई फायरिंग भी की। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 37 हजार लोग स्वेच्छा से मोरक्को लौट चुके हैं, जबकि हजारों लोग अब भी शहर में खुले स्थानों और फुटपाथों पर रहने को मजबूर हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इनमें लगभग 7 हजार बच्चे और नाबालिग भी शामिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद प्रवासियों की सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।
स्यूटा क्यों बना अवैध प्रवास का केंद्र?
स्यूटा भौगोलिक रूप से चारों ओर से मोरक्को से घिरा हुआ है, लेकिन यह स्पेन का हिस्सा और यूरोपीय संघ के अधिकार क्षेत्र में आता है। बेहतर जीवन और रोजगार की उम्मीद में बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचने की कोशिश करते हैं। स्पेन और मोरक्को के बीच सबसे कम समुद्री दूरी करीब 14 किलोमीटर है, जिससे समुद्री रास्ते से घुसपैठ आसान हो जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले, जिसमें कहा गया था कि स्यूटा पहुंचने वाले लोगों को बिना सुनवाई के वापस नहीं भेजा जाएगा, के बाद इसको लेकर कई अफवाहें फैल गईं। माना जा रहा है कि इसी के चलते बड़ी संख्या में लोगों ने सीमा पार करने का कोशिश किया। हालात को देखते हुए स्पेन सरकार ने समुद्री सीमा पर स्थित ब्रेकवाटर क्षेत्र में नया ब्लॉकर बैरियर लगाने का फैसला किया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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