त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआती रिपोर्टों में आत्महत्या की आशंका जताई गई है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि अधिकारियों की ओर से घटना के कारणों पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मई 2025 में बने थे त्रिपुरा के DGP
अनुराग धनखड़ 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी थे। यह उत्तर प्रदेश में बागपत जिले के रहने वाले थे। उन्हें मई 2025 में त्रिपुरा का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह राज्य में DGP (इंटेलिजेंस) के पद पर कार्यरत थे और उन्होंने अमिताभ रंजन का स्थान लिया था। त्रिपुरा कैडर के अनुराग धनखड़ का राज्य से लंबा जुड़ाव रहा। उन्होंने अपने करियर के लगभग 16 वर्ष त्रिपुरा में अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर बिताए। वर्ष 2013 से 2016 के बीच वह इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर) भी रहे।
नीरव मोदी मामले की जांच का किया था नेतृत्व
अनुराग धनखड़ को उनकी जांच क्षमता के लिए भी जाना जाता था। उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े चर्चित नीरव मोदी धोखाधड़ी मामले की CBI जांच का नेतृत्व किया था। इसके अलावा वह गृह मंत्रालय के तहत गठित 1984 के सिख विरोधी दंगों की विशेष जांच टीम (SIT) के अध्यक्ष भी रहे।वर्ष 2003-04 के दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) के कोसोवो मिशन में भी अपनी सेवाएं दी थीं, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशासनिक और पुलिसिंग अनुभव भी मिला।
मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा
घटना की जानकारी मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी पुलिस मुख्यालय पहुंचे। मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा ने भी पुलिस मुख्यालय का दौरा किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आधिकारिक तौर पर मृत्यु के कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
Read More
फाइनल में नहीं चला मेसी मैजिक! स्पेन से हारते ही सिसक-सिसक कर रोए अर्जेंटीना के कप्तान, वीडियो देख निकल पड़ेंगे आंसू