Jammu-Kashmir Floods: जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश ने भीषण तबाही मचा दी है। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 14 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अब भी लापता बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा नुकसान पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के बुफलियाज इलाके के लोअर मुर्राह में हुआ, जहां अचानक आई बाढ़ ने कई परिवारों को अपनी चपेट में ले लिया। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
अब तक 8 शव बरामद
सुरनकोट के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहम्मद यूसुफ चौधरी ने बताया कि अब तक 8 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोगों की तलाश अभी भी जारी है। घटनास्थल पर प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियां लगातार खोज अभियान चला रही हैं ताकि लापता लोगों का जल्द पता लगाया जा सके।
मृतकों की हुई पहचान
प्रशासन ने अब तक बरामद आठ शवों की पहचान कर ली है। इनमें नूर सफिया (59), पत्नी मोहम्मद लतीफ, सज्जाद अहमद (16), बेटा मोहम्मद लतीफ, हकनवाज अहमद (10), बेटा मोहम्मद लतीफ, शाहनवाज अहमद (10), बेटा मोहम्मद लतीफ, खालिदा कौसर (25), पत्नी यासर इकबाल, सोफियान (2), बेटा यासर इकबाल, बानो बी (60), पत्नी मोहम्मद हुसैन, और मोहम्मद अकरम (7), बेटा मोहम्मद लियाकत शामिल हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली के कई खंभे उखड़ गए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। मोबाइल नेटवर्क सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिसके कारण लोगों को संपर्क करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि मुगल रोड और राजौरी-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग फिलहाल यातायात के लिए खुले हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुंछ में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन में हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तरह जुटी हुई हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों तक बिना किसी देरी के हरसंभव सहायता पहुंचाई जाए।
दिल्ली दौरा छोड़ लौटे उमर अब्दुल्ला
मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी और जम्मू डिवीजन के हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपना दिल्ली दौरा बीच में ही छोड़कर जम्मू-कश्मीर लौट आए। वह लगातार स्थानीय विधायकों और अधिकारियों के संपर्क में हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि राहत कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए।
23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक पूरे जम्मू-कश्मीर में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। राजौरी जिले में शनिवार शाम से लगातार बारिश हो रही है। रातभर हुई तेज बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। अधिकारियों के अनुसार दरहाली, खंडली, सुक्तोह और जमोला सहित सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बह रही हैं, जिससे कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं।
बाढ़ के पानी में बह गए वाहन
लगातार बारिश के कारण दरहाली नदी ने राजौरी शहर में बेला कॉलोनी के पास बाढ़ सुरक्षा दीवार को तोड़ दिया। इसके बाद बाढ़ का पानी नए बस स्टैंड में घुस गया, जहां दर्जनों वाहन बह गए या पानी में डूब गए। कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है।

सेना और SDRF का रेस्क्यू अभियान
राजौरी जिले में भारतीय सेना की ‘व्हाइट नाइट कॉर्प्स’ ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर बड़े स्तर पर राहत अभियान चलाया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार जवानों ने लगातार बारिश और अचानक आई बाढ़ के बीच अलग-अलग स्थानों पर फंसे 11 नागरिकों, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल थे, को सुरक्षित बाहर निकाला।
चिनाब नदी से दूर रहने की अपील
रामबन में बगलीहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के बांध के गेट खोले जाने के बाद चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसे देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। बाढ़ से अब्दुल्ला ब्रिज के पास की झुग्गी-बस्ती भी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जहां 50 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वहीं तारिक ब्रिज के आसपास भी पानी भरने के बाद पुलिस ने लोगों को नदी किनारे से हटाकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
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