Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास सत्य निकेतन की संकरी गली में रविवार को पांच मंजिला पुरानी इमारत ढहने से बड़ा हादसा हो गया। लड़कों के छात्रावास के तौर पर इस्तेमाल हो रही करीब 30 साल पुरानी इमारत के जमींदोज होने से सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पांच छात्र शामिल हैं। हादसे के बाद करीब 27 घंटे तक चले बचाव अभियान में कुल 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया।
घायलों से मिलीं सीएम
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार को हादसे में घायल लोगों का हाल जानने एम्स पहुंचीं। उन्होंने अस्पताल में भर्ती छात्रों और उनके परिजनों से मुलाकात की और सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
#WATCH दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में घायलों से मिलने के लिए AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। इस घटना में 7 लोगों की मौत हो गई है। pic.twitter.com/rrfIaGb5nh
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 8, 2026
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज AIIMS ट्रॉमा सेंटर में सत्य निकेतन में गिरी इमारत की घटना के पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।
(फोटो सोर्स: दिल्ली CMO) pic.twitter.com/bCZr2a57y4
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आईसीयू में एक मरीज
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया, ‘मैंने घायल बच्चों से मुलाकात की है। एक मजदूर यहां भर्ती है, जो अभी ठीक है। 2 बच्चे बिल्कुल ठीक हैं और एक बच्चा आईसीयू में है। मैंने परिजनों से भी मुलाकात की है। सारी स्थिति को देखते हुए हमने अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि बच्चों का इलाज पूरी तरीके से अच्छे से हो और सरकार इसमें उनकी पूरी मदद करेगी, हर तरह की सहायता करेगी। हम आर्थिक मदद भी करेंगे। सत्य निकेतन में गिरी इमारत के बगल वाली बिल्डिंग को भी गिराया जाएगा और कल उसे गिराने की कार्रवाई की जाएगी।’
बगल की इमारत भी होगी ध्वस्त
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि हादसे में गिरी इमारत के बगल वाली बिल्डिंग को भी गिराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसे गिराने की कार्रवाई अगले दिन की जाएगी। सरकार ने घायल छात्रों के इलाज और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देने का भी आश्वासन दिया है।
मालिक समेत तीन गिरफ्तार
पुलिस ने पीजी के मालिक 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 वर्षीय बेटे महेश गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया है। अदालत ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
किसके नाम पर क्या था?
जांच में सामने आया है कि पीजी का बिजली कनेक्शन हरिराम गुप्ता के नाम पर था। उनका बेटा महेश इमारत का प्रबंधन देखता था, जबकि संपत्ति की रजिस्ट्री उर्मिला गुप्ता के नाम पर है।
हाईकोर्ट ने उठाए सवाल
मामला दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंच गया है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। अदालत ने कहा कि केवल पीजी मालिक को जिम्मेदार ठहराकर दिल्ली सरकार अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकती। पीठ ने डीयू और एमसीडी की जिम्मेदारी का भी जिक्र किया।
एमसीडी को उच्चस्तरीय जांच के आदेश
एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एमसीडी को हादसे की उच्चस्तरीय जांच करने के आदेश दिए हैं। इससे हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने और इमारत से जुड़े सुरक्षा पहलुओं की जांच का रास्ता साफ हुआ है।
पांच अधिकारी निलंबित
हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा
मलबा हटाने और लोगों की तलाश का अभियान सोमवार शाम समाप्त हुआ। करीब 27 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद 12 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें सात लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि पांच घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई है।
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