सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन समरदुंग सुरंग में भूस्खलन और संदिग्ध मीथेन गैस की मौजूदगी के बाद राहत अभियान जारी है। प्रशासन के अनुसार करीब 27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है, जबकि अंतिम संख्या का सत्यापन अभी किया जा रहा है। जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
नामची की निर्माणाधीन सुरंग में बड़ा हादसा
सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन समरदुंग (झोलुंगे) सुरंग में भूस्खलन के बाद बड़ा हादसा हो गया। सुरंग का प्रवेश द्वार मलबे से बंद हो गया, जबकि अंदर संदिग्ध मीथेन गैस की मौजूदगी के कारण बचाव अभियान और कठिन हो गया। जिला प्रशासन के अनुसार करीब 27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है, लेकिन उनकी वास्तविक संख्या का सत्यापन अभी जारी है।
राहत अभियान में गैस बनी सबसे बड़ी चुनौती
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन विभाग और विशेषज्ञ बचाव दल लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। सुरंग के भीतर गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण बचावकर्मियों को गैस मास्क और विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ अंदर भेजा जा रहा है। कुछ बचावकर्मियों की तबीयत बिगड़ने की भी सूचना है, जिससे अभियान को अतिरिक्त सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। कुछ राहतकर्मियों को अस्पताल भेजना पड़ा, जबकि सुरंग के भीतर जाने वाले सभी दल गैस मास्क और विशेष सुरक्षा उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं।
शुरुआती रिपोर्टों में फंसे मजदूरों की संख्या अलग-अलग बताई गई थी, जिला प्रशासन अब कंपनी के उपस्थिति रजिस्टर और ड्यूटी रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आधिकारिक पुष्टि के बाद ही अंतिम आंकड़ा जारी किया जाएगा।
NHPC परियोजना के तहत बन रही है सुरंग
यह सुरंग NHPC की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना का हिस्सा है, जिसका निर्माण पटेल इंजीनियरिंग कर रही है। प्रशासन का कहना है कि अभी प्राथमिकता सभी फंसे मजदूरों तक सुरक्षित पहुंच बनाना और उन्हें बाहर निकालना है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच बचाव अभियान पूरा होने के बाद की जाएगी। प्रशासन लगातार सुरंग के भीतर गैस की स्थिति पर नजर रखे हुए है।

