Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र का मंगलवार को दूसरा दिन है। पहले दिन की तरह आज भी लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे के आसार हैं। विपक्ष नीट पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में दोनों सदनों की कार्यवाही के दौरान तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।
पहले दिन कई बार स्थगित करनी पड़ी कार्यवाही
मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के विरोध के कारण संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। विपक्षी सांसद नीट पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते रहे। कुछ सांसद पोस्टर और बैनर लेकर सदन के अंदर भी पहुंचे। लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही छह बार और राज्यसभा की कार्यवाही पांच बार स्थगित करनी पड़ी।
लोकसभा-राज्यसभा में क्या हुआ?
लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक अध्यादेश की जगह लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा विधेयक पेश किया। इसके तहत जजों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं, राज्यसभा में विरोध प्रदर्शन के कारण ‘वंदे मातरम का अपमान करने को दंडनीय अपराध बनाने वाला विधेयक’ पेश नहीं किया जा सका।
आज की कार्यवाही का एजेंडा
आज सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होगी। इसके बाद वाणिज्य एवं उद्योग, कृषि, गृह, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालयों से जुड़े दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाएंगे। साथ ही लोकसभा और राज्यसभा से पारित नौ विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने की सूचना भी सदन में दी जाएगी।
सरकार लाएगी सात अहम विधेयक
सरकार मानसून सत्र के दौरान कुल सात अहम विधेयक लाने की तैयारी में है। इनमें दो लंबित विधेयक और पांच नए विधेयक शामिल हैं।
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विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (FCRA) विधेयक, 2026 के जरिए विदेशों से मिलने वाले चंदे पर सख्त निगरानी और रजिस्ट्रेशन समाप्त होने की स्थिति में संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण का प्रावधान किया जाएगा।
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विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 के तहत UGC, AICTE और NCTE की जगह एक नई नियामक संस्था बनाने का प्रस्ताव है, जिसके दायरे में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान भी आएंगे।
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सरकार आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश करेगी, जिसका उद्देश्य विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना और सरकारी कर्ज बाजार को मजबूत करना है।
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इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या संशोधन विधेयक, 2026 के जरिए जजों की संख्या 33 से बढ़कर 37 होगी। अभी जारी अध्यादेश कानून बनाया जाएगा।
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जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत दो साल बाद पंजीकरण के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को अनिवार्य होंगें।
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राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 के माध्यम से वंदे मातरम को कानूनी संरक्षण दिया जायेगा। यदि कोई इसके गायन में बाधा डालता है या अपमान, अनादर करता है तो अपराध माना जायेगा।
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MSME विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 के जरिए समय पर भुगतान से जुड़े विवादों के तेजी से निपटारे का प्रस्ताव रखा जाएगा।
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