खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में गहराते सुरक्षा संकट के बीच पाकिस्तान सेना में शीर्ष स्तर पर व्यापक फेरबदल किया गया है। सेना प्रमुख एवं चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने सैन्य खुफिया विभाग, जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) और मैदानी कमान में बड़े पैमाने पर नए अधिकारियों की नियुक्तियां की हैं। बलूचिस्तान में लंबे समय से जारी उग्रवाद और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सैन्य कमान को नए सिरे से पुनर्गठित किया गया है।
सैन्य खुफिया विभाग और GHQ में नए निदेशकों की नियुक्ति
सैन्य शीर्ष कमान में सबसे महत्वपूर्ण फेरबदल खुफिया विभाग में देखने को मिला है। मेजर जनरल आदिल वारैच को सैन्य खुफिया का नया महानिदेशक (DG MI) नियुक्त किया गया है, जिन्होंने मेजर General वाजिद अजीज की जगह ली है। इसके अतिरिक्त, सेना मुख्यालय (GHQ) में मेजर जनरल जवाद को महानिदेशक स्तर का महत्वपूर्ण प्रभार दिया गया है। वहीं, मेजर जनरल साजिद को DG Z और मेजर जनरल शमरेज को DG S की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मैदानी कमान और फ्रंटियर कॉर्प्स की नई संरचना
मैदानी और तटीय स्तर की सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से मेजर जनरल खुर्रम शब्बीर को 17 डिवीजन का नया GOC बनाया गया है, जबकि मेजर जनरल अतीक रफीक को पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स का महानिदेशक (DG) नियुक्त किया गया है। बलूचिस्तान में उग्रवाद से मुकाबले के लिए फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) की कमान में भी बदलाव किया गया है; मेजर जनरल जफर को FC दक्षिण बलूचिस्तान का महानिरीक्षक (IG) बनाया गया है। वहीं, सुरक्षा तंत्र को मजबूती देने के लिए गठित FC की नई शाखा, पश्चिम बलूचिस्तान का महानिरीक्षक मेजर जनरल फरहान को नियुक्त किया गया है।
सैन्य ढांचे में कानूनी बदलाव और पदोन्नति की संभावना
यह फेरबदल पाकिस्तानी सैन्य कमान के पुनर्गठन की दिशा में एक बड़ी कड़ी है। इससे पूर्व, 20 अगस्त को नेशनल असेंबली ने ‘डिफेंस फोर्सेस ऑफ पाकिस्तान एक्ट, 2026’ और ‘नेशनल कमांड अथॉरिटी एक्ट’ में संशोधनों को मंजूरी देकर ‘चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज’ (CDF) पद को कानूनी वैधता प्रदान की थी, जिसका प्रभार वर्तमान में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर संभाल रहे हैं। आने वाले दिनों में सैन्य नेतृत्व में और बदलाव की उम्मीद है, क्योंकि लगभग 11 मेजर जनरलों को जल्द ही लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत किया जा सकता है।
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