Parliament Monsoon Session 2026: आज, 20 जुलाई से संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हो रही है। यह सत्र 13 अगस्त तक चलने की संभावना है। सत्र के पहले दिन ही सरकार कई अहम मुद्दों पर आगे बढ़ने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष भी कई मामलों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। ऐसे में पहले दिन संसद में हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं।
राज्यसभा में पेश होगा वंदेमातरम् बिल
सत्र के पहले दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे। इस विधेयक के जरिए सरकार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रस्ताव लेकर आई है। प्रस्तावित प्रावधान के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगीत के गायन को रोकता है या इसे गा रही सभा में अशांति पैदा करता है, तो उसे 3 साल तक का कारावास, जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है। वंदे मातरम को राष्ट्रगान जन गण मन की तरह ही सम्मान दिया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय गीत को सरकारी व शैक्षणिक संस्थानों में अनिवार्य गायन का प्रावधान है।
इन मुद्दों को उठा सकता है विपक्ष
सत्र के पहले दिन विपक्ष नीट पेपर लीक, सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाने की घटना, ई-20 पेट्रोल और राम मंदिर चंदा चोरी मामले जैसे मुद्दों को उठाने की तैयारी में है। इन मुद्दों को लेकर संसद के दोनों सदनों में तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।
बड़े विधेयकों पर सरकार की नजर
सरकार इस मॉनसून सत्र में परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकती है। राजनीतिक घटनाक्रम में हाल के बदलावों के बाद एनडीए की संख्या बढ़ने की चर्चा है, जिसके चलते इन विधेयकों को लेकर सरकार ज्यादा एक्टिव नजर आ रही है।
सर्वदलीय बैठक में सहयोग की अपील
सत्र शुरू होने से एक दिन पहले हुई सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से संसद की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सत्र की शुरुआत में हंगामा होगा तो उसका नुकसान संसद की कार्यवाही को होगा। बैठक में सरकार ने चर्चा के लिए सूचीबद्ध आठ विधेयकों पर सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा भी जताई।
परिसीमन विधेयक पर बढ़ी सियासी हलचल
राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के बाद परिसीमन विधेयक को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना में टूट के बाद एनडीए की स्थिति मजबूत होने के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि दक्षिण भारत के कई नेताओं ने इस प्रस्तावित विधेयक का विरोध करते हुए कहा है कि इससे उनके राज्यों का प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री ने साफ किया कि यदि सरकार कोई अतिरिक्त विधेयक लाने का फैसला करती है तो पहले उसे व्यापार सलाहकार समिति में रखा जाएगा और विपक्ष को इसकी जानकारी दी जाएगी।
इन अन्य विधेयकों पर भी रहेगी नजर
सरकार जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश करेगी, जिसका उद्देश्य जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण से जुड़े नियमों को और सख्त बनाना है। इसके अलावा आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 भी सदन में लाया जाएगा, जो सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को कर छूट देने संबंधी अध्यादेश का स्थान लेगा।
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