Iran-US Tensions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि इस समुद्री मार्ग पर अब अमेरिकी नौसेना का 100% नियंत्रण है और अमेरिकी नाकाबंदी पूरी तरह मजबूत है। ट्रंप ने इसे ‘स्टील की दीवार’ जैसा बताते हुए कहा कि अमेरिका उन्हीं जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति देगा, जिन्हें वह जाने देना चाहता है।
ईरान से मुआवजे की मांग
ट्रंप ने ईरान से युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा मांगने की बात कही है। ट्रंप ने Truth Social पर लिखा कि ईरान अगर हालिया सैन्य संघर्ष के नुकसान के लिए अमेरिका से मुआवजा मांग रहा है, तो अमेरिका भी ईरान से मुआवजे की मांग करेगा। उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को भविष्य की बातचीत में इस मुद्दे को मजबूती से उठाने का निर्देश दिया है।
50 साल पुराने नुकसान का भी जिक्र
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों पर हुए हमलों, रोडसाइड बमों और अन्य संघर्षों में मारे गए और घायल लोगों का हवाला दिया। उन्होंने जनरल सुलेमानी से जुड़े संघर्ष, USS Cole पर हुए हमले में मारे गए लोगों के परिवारों और ईरान में पिछले 50 सालों के दौरान मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिवारों के लिए भी मुआवजे की मांग रखी। उन्होंने पिछले पांच महीनों में मारे गए 52,000 लोगों का भी जिक्र किया।
ट्रंप का बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा-“मैं देख रहा हूं कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के रिप्रेजेंटेटिव पिछले पांच महीने की मिलिट्री लड़ाई (जो इसलिए शुरू हुई क्योंकि उनके पास न्यूक्लियर वेपन नहीं होगा) के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजा मांग रहे हैं, जबकि हमारी किसी भी बातचीत या मीटिंग में इसका जिक्र नहीं हुआ! लेकिन यह एक दिलचस्प आइडिया है क्योंकि अब मैं भी ईरान से मुआवजे की मांग कर रहा हूं, उन सभी लोगों के लिए जिन्हें उन्होंने अपने रोडसाइड बमों और कई लड़ाइयों से मारा है और गंभीर रूप से घायल किया है, जिसके लिए वे मशहूर हैं, जिसकी शुरुआत जनरल सुलेमानी ने की थी, जिसमें USS कोल पर मारे गए लोगों के परिवार और लड़ाई में मारे गए हजारों दूसरे लोग शामिल हैं। इसके अलावा, उन लाखों बेगुनाह प्रोटेस्टर्स के परिवारों को भी मुआवजा दिया जाना चाहिए जिन्हें ईरान ने पिछले 50 सालों में मारा है, और उन 52,000 लोगों का तो कहना ही क्या जो पिछले पांच महीनों में मारे गए हैं। मैंने अपने रिप्रेजेंटेटिव्स को निर्देश दिया है कि वे इसे भविष्य की किसी भी बातचीत में मजबूती से रखें।”
ईरान ने रखी हैं कई शर्तें
होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए ईरान की ओर से अमेरिका के सामने कई मांगें रखी गई हैं। इनमें अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाना, अमेरिकी सैनिकों को क्षेत्र से वापस बुलाना, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, जमे हुए ईरानी धन को जारी करना और युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा शामिल है।
दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल और गैस परिवहन मार्गों में से एक है। यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे के बीच समुद्री यातायात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
समझौते की राह अभी मुश्किल
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर अभी तक कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक होर्मुज को फिर से खोलने और समुद्री यातायात बहाल करने को लेकर दोनों पक्षों की शर्तों में बड़ा अंतर बना हुआ है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने संघर्ष को आगे बढ़ाने के बजाय आर्थिक और कूटनीतिक दबाव पर जोर देने के संकेत भी दिए हैं।
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