भारत में शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में सोने की खरीदारी बढ़ जाती है। भारतीय परिवारों के लिए सोना सिर्फ आभूषण नहीं बल्कि बचत और निवेश का एक अहम साधन भी है। ऐसे में गहने खरीदते समय उनकी शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार(Government) ने सोने की ज्वेलरी और गोल्ड आर्टिफैक्ट्स की अनिवार्य हॉलमार्किंग व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया है। सरकारी जानकारी के अनुसार, 2 मार्च 2026 से लागू छठे चरण में सात और जिले हॉलमार्किंग व्यवस्था में जोड़े गए।
इनमें पंजाब का रूपनगर, उत्तर प्रदेश का बांदा, महाराष्ट्र का बीड, त्रिपुरा का गोमती, बिहार का कटिहार, राजस्थान का ब्यावर और मध्य प्रदेश का नीमच शामिल हैं। इसके साथ अनिवार्य हॉलमार्किंग के दायरे में आने वाले जिलों की संख्या बढ़कर 380 हो गई। हॉलमार्किंग व्यवस्था का उद्देश्य सोने की शुद्धता को लेकर ग्राहकों का भरोसा बढ़ाना और मिलावट या गलत शुद्धता वाले आभूषणों से उपभोक्ताओं की सुरक्षा करना है। BIS के मुताबिक, इस व्यवस्था में छह अंकों वाला HUID नंबर भी महत्वपूर्ण है।
नकली या कम शुद्धता वाले सोने से कैसे बचें?
-
सोने की ज्वेलरी खरीदते समय कुछ छोटी-छोटी सावधानियां आपको नुकसान से बचा सकती हैं। सबसे पहले गहने पर BIS हॉलमार्क जरूर देखें। इसके साथ मौजूद छह अंकों के HUID नंबर की जांच भी करें।
-
HUID नंबर को BIS CARE ऐप के ‘Verify HUID’ फीचर के जरिए चेक किया जा सकता है। इससे खरीदे जा रहे हॉलमार्क वाले गहने की जानकारी और प्रामाणिकता की जांच करने में मदद मिलती है।
-
इसके अलावा खरीदारी के समय पक्का बिल जरूर लें और उसमें सोने का वजन, शुद्धता/कैरेट और अन्य जरूरी विवरण ठीक से दर्ज हैं या नहीं यह जांच लें। बहुत कम कीमत में सोना मिलने का दावा हो तो तुरंत आकर्षित होने के बजाय सावधानी बरतें।
-
सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि सोना भरोसेमंद और BIS-पंजीकृत ज्वेलर से खरीदें और भुगतान व खरीद से जुड़े सभी दस्तावेज संभालकर रखें।

