देश के कई इलाकों में पानी की उपलब्धता और सूखे जैसी परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार जल आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर खास तौर पर ध्यान दे रही है। इसी सिलसिले में दिल्ली में 1 और 2 सितंबर को जल क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर उच्चस्तरीय चर्चा प्रस्तावित है। बैठक में राज्यों के साथ मिलकर पेयजल व्यवस्था और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर विचार किया जा सकता है।
बैठक में जल जीवन मिशन 2.0(Jal Jeevan Mission) के तहत अब तक हुए काम, अधूरे प्रोजेक्ट और राज्यों को आ रही व्यावहारिक परेशानियों की जानकारी ली जा सकती है। सरकार का लक्ष्य केवल घरों तक नल पहुंचाना नहीं बल्कि लोगों को नियमित, पर्याप्त और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। केंद्र ने इस मिशन को दिसंबर 2028 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। राज्यों से यह भी पूछा जा सकता है कि गांवों में योजनाओं की वास्तविक स्थिति क्या है और उन्हें तेजी से पूरा करने के लिए किन संसाधनों या सहयोग की जरूरत है।
सूखे वाले क्षेत्रों पर भी नजर
पानी की कमी वाले इलाकों में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना बैठक का अहम विषय हो सकता है। जल स्रोतों की उपलब्धता, उनकी स्थिरता और मौजूदा योजनाओं को बेहतर तरीके से चलाने के उपायों पर भी चर्चा की संभावना है। सरकार ने जल आपूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने पर जोर दिया है।
झारखंड के अटके कामों को मिलेगी गती
बैठक में झारखंड की ओर से जल जीवन मिशन से संबंधित लंबित भुगतान और राज्य में योजनाओं की प्रगति से जुड़े विषय उठाए जाने की संभावना है। इससे केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा अटके हुए कामों को गति देने में मदद मिल सकती है।