राजस्थान पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और जोधपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में लॉरेंस-आरज़ू बिश्नोई गैंग से जुड़े दो शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी जोधपुर के एक होटल में फर्जी पहचान के साथ ठहरने की कोशिश कर रहे थे। चेक-इन के दौरान ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। उनके पास से कथित तौर पर नकली आधार कार्ड, हथियार और अफीम बरामद हुई है।
पंजाब के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के फाजिल्का जिले के राजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला और जसकरण उर्फ कट्टा उर्फ सनी के रूप में की है। AGTF के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन के मुताबिक, दोनों के गैंग से जुड़े शार्पशूटर होने की जानकारी सामने आई है। मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस कर रही है।
नेपाल से लौटने के बाद बदली जगहें
पुलिस के मुताबिक, AGTF की टीम कई दिनों से दोनों आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। जांच में पता चला कि दोनों हाल ही में नेपाल से भारत लौटे थे। इसके बाद उन्होंने कई शहरों में ठिकाने बदले। पुलिस का कहना है कि दोनों गोरखपुर, काशी और इंदौर होते हुए सिरोही पहुंचे और फिर जोधपुर आए। जोधपुर पहुंचने से पहले वे सिरोही में करीब एक दिन रुके थे। करीब तीन से चार दिन पहले जोधपुर आने के बाद दोनों होटल में ठहरने की तैयारी कर रहे थे।
होटल में चेक-इन के दौरान गिरफ्तारी
आरोपियों की लोकेशन मिलने के बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में AGTF टीम जोधपुर पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ निगरानी शुरू की। होटल में चेक-इन करने पहुंचे दोनों आरोपियों को उसी दौरान हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ और पहचान की पुष्टि के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
दो हत्या मामलों में तलाश
AGTF के मुताबिक, दोनों पंजाब में हत्या के मामलों में वांछित थे। पुलिस का दावा है कि अप्रैल 2025 में साहिल सेन की उसके ऑफिस में हत्या और जुलाई 2025 में अबोहर के वियर वेल शोरूम में कपड़ा कारोबारी संजय वर्मा की हत्या में दोनों की भूमिका सामने आई थी। इन घटनाओं के बाद दोनों के नेपाल भागने की बात कही गई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों जोधपुर क्यों आए थे और क्या यहां किसी वारदात की योजना थी। उनके संपर्कों, ठिकानों और गैंग से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।
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