बांग्लादेश भारत से 200 ब्रॉड-गेज रेलवे कोच आयात करने जा रहा है। इनकी डिलीवरी इस महीने के आखिर या अगले महीने की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है। 915 करोड़ रुपये की इस डील के तहत 200 कोच की डिलीवरी दिसंबर 2027 तक पूरी होने की संभावना है।
इस प्रोजेक्ट को यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक से फंड मिल रहा है। इसके तहत जून 2026 और दिसंबर 2027 के बीच बांग्लादेश रेलवे के पुराने हो रहे बेड़े में नए कोच शामिल किए जाएंगे। अभी बांग्लादेश रेलवे में कोच की कमी है। इन कोच का प्रोडक्शन चल रहा है और इनके चार अलग-अलग तरह के डिज़ाइनों को मंज़ूरी मिल चुकी है।
कोच कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री में बनाए जा रहे
आधुनिक LHB कोच कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री में बनाए जा रहे हैं। इनकी पहली खेप इंडियन रेलवे की एक्सपोर्ट शाखा, RITES लिमिटेड द्वारा भेजी जा रही है। बांग्लादेश में राजनीतिक बदलावों के कारण वहां शिपमेंट रोक दिया गया था, लेकिन 2026 के मध्य में डिलीवरी फिर से शुरू हो रही है। इससे पहले, बांग्लादेश रेलवे को 120 ब्रॉड-गेज LHB पैसेंजर कोच, 36 ब्रॉड-गेज लोकोमोटिव और 10 मीटर-गेज लोकोमोटिव भेजे गए थे।
RITES के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल मिथल ने हाल ही में कहा कि बांग्लादेश को 200 पैसेंजर कोच एक्सपोर्ट करने का ऑर्डर उनकी अहम उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने बताया कि 20 कोच वाला पहला ट्रेन सेट जल्द ही एक्सपोर्ट किया जाएगा। RITES लिमिटेड रेल मंत्रालय के तहत एक कंपनी है जो ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में माहिर है। यह रेलवे, हाईवे, एयरपोर्ट और शहरी ट्रांसपोर्ट के लिए कॉन्सेप्ट से लेकर कमीशनिंग तक की सर्विस देती है। यह दुनिया भर में इंडियन रेलवे के रोलिंग स्टॉक के लिए एक्सपोर्ट शाखा के तौर पर भी काम करती है।
सूत्रों ने बताया है कि कोलकाता से ढाका के बीच चलने वाली मैत्री एक्सप्रेस को फिर से शुरू करने पर सितंबर में बातचीत शुरू होने की संभावना है। यह ट्रेन पश्चिम बंगाल में सीमा पार करके 375 किलोमीटर का सफर तय करती थी और 9 घंटे में ढाका पहुंचती थी। 2008 में शुरू होने के बाद से इस ट्रेन में यात्रियों की अच्छी संख्या रही है, लेकिन 2024 में बांग्लादेश में राजनीतिक अशांति के कारण इसका ऑपरेशन रोक दिया गया था। अप्रैल 2017 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संयुक्त रूप से मैत्री एक्सप्रेस के दूसरे रूट का उद्घाटन किया था, जो कोलकाता को खुलना (बांग्लादेश) से जोड़ता है।
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