सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच टकराव अब तेल प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे तक पहुंच गया है। सऊदी अरब के पूर्वी शहर धहरान में सरकारी तेल कंपनी अरामको की एक इमारत को निशाना बनाए जाने के बाद वहां आग लग गई। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी ने सरकारी समाचार एजेंसी SPA को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, घटना में किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है।
दूसरी ओर, सऊदी अरब ने दावा किया कि रियाद की ओर दागी गई मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया गया। हालांकि, उनके मलबे से चार लोग घायल हुए और 15 घरों को नुकसान पहुंचा। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। दोनों पक्षों के बीच यह तनाव ऐसे समय बढ़ा है, जब तेल ठिकानों को खाली कराने की चेतावनियां और हवाई हमलों की खबरें सामने आई हैं।
अरामको की इमारत पर हमले के बाद लगी आग
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, धहरान में अरामको के प्रशासनिक भवन पर हमला हुआ, जिसके बाद परिसर में आग लग गई। घटनास्थल पर आग बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अरामको सऊदी अरब की प्रमुख सरकारी तेल कंपनी है और देश के ऊर्जा क्षेत्र में इसकी अहम भूमिका है। ऐसे में कंपनी की इमारत को निशाना बनाए जाने से तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। इससे पहले हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी अरब के तेल ठिकानों के आसपास मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों को वहां से हटने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि सना पर हमला होने की स्थिति में रियाद को कड़ा जवाब दिया जाएगा।
सना के तेल केंद्र को खाली कराने के बाद धमाकों की खबर
तनाव के बीच सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में हूतियों के नियंत्रण वाले अल-सबाह केंद्रीय तेल केंद्र को खाली कराने का आदेश दिया था। इसके बाद सना में धमाकों की आवाजें सुने जाने की खबर सामने आई। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, हूती समर्थक मीडिया ने दावा किया कि सऊदी समर्थित बलों ने अल-सबाह इलाके में तेल केंद्र पर हवाई हमले किए। हालांकि, इन हमलों को लेकर सऊदी अरब की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
हूती अधिकारियों का कहना था कि तेल कंपनी के भंडारण केंद्र खाली थे और वहां हमले से तेल के भंडार या आम लोगों को होने वाली आपूर्ति पर असर नहीं पड़ेगा। इसके बावजूद, सना के कुछ पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने की खबरें आईं। लोगों को ईंधन की कमी होने की आशंका थी।
ट्रंप ने एर्दोगन से मदद लेने के दिए संकेत
सऊदी अरब की कैबिनेट ने मंगलवार को चेतावनी दी कि हूतियों के हमलों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, बैठक की अध्यक्षता क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने की। वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद के उत्तर में तीन ड्रोन रोकने का भी दावा किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हूती विद्रोही बहुत बुरा व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वह तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से सऊदी अरब के हितों की रक्षा में मदद करने का अनुरोध कर सकते हैं। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि एर्दोगन उनके अनुरोध पर सहयोग करेंगे, हालांकि तुर्की की भूमिका को लेकर किसी अंतिम फैसले की जानकारी नहीं दी गई। सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है और हूतियों के खिलाफ हवाई हमले करता रहा है। ताजा घटनाक्रम से दोनों पक्षों के बीच टकराव और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
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