NDA Meeting Mangal Milan: संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को संसद भवन में एनडीए संसदीय दल की अहम बैठक आयोजित की जाएगी। सुबह 9:30 बजे होने वाली इस बैठक को ‘मंगल मिलन’ नाम दिया गया है। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जिसमें एनडीए के सभी सांसदों और सहयोगी दलों के नेता शामिल होंगे। माना जा रहा है कि बैठक में संसद के मौजूदा सत्र की रणनीति और गठबंधन के भीतर बेहतर तालमेल पर बातचीत होगी।
‘मंगल मिलन’ नाम क्यों रखा गया?
बैठक का नाम ‘मंगल मिलन’ इसलिए रखा गया है क्योंकि इसका आयोजन मंगलवार को हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, आगे भी संसद सत्र के दौरान हर मंगलवार को इसी तरह का कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है, ताकि एनडीए के सभी सहयोगी दलों के बीच नियमित बातचीत और तालमेल बना रहे।
सभी प्रमुख सहयोगी दल रहेंगे मौजूद
इस बैठक के लिए बीजेपी ने एनडीए के सभी सहयोगी दलों को इंवाइट किया है। इसमें एकनाथ शिंदे की शिवसेना, नीतीश कुमार की जेडीयू, चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी सहित गठबंधन के प्रमुख दल शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी यह बैठक अहम मानी जा रही है, क्योंकि राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सुभासपा, अपना दल और निषाद पार्टी जैसे सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है।
PM मोदी को देंगे बधाई
बैठक के दौरान एनडीए के सहयोगी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके अब तक के कार्यकाल में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के रिकॉर्ड पर बधाई देंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री अपने संबोधन में मानसून सत्र के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं, आगामी विधेयकों और गठबंधन की एकजुटता पर भी अपनी बात रख सकते हैं।
नए राज्यसभा सांसदों का होगा स्वागत
हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए छह राज्यसभा सांसदों का भी इस कार्यक्रम में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू इन सांसदों का स्वागत करेंगे। इसे एनडीए के विस्तार और राजनीतिक मजबूती के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
इस दल को नहीं मिला न्योता
जानकारी के अनुसार, नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया को इस बैठक के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है। यह वही दल है, जिसमें ममता बनर्जी की टीएमसी से बागी हुए 20 सांसद शामिल हुए हैं। बताया जा रहा है कि इस दल को अब तक औपचारिक रूप से एनडीए का हिस्सा नहीं माना गया है, इसलिए इसे बैठक में शामिल नहीं किया गया।
मानसून सत्र की रणनीति पर रहेगी नजर
संसद के मानसून सत्र के बीच हो रही इस बैठक को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में संसद में पेश होने वाले कुछ अहम विधेयकों, सरकार की रणनीति और सहयोगी दलों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने पर जोर दे सकते हैं। बैठक के जरिए एनडीए एकजुटता का संदेश देने की भी कोशिश करेगा।
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