उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में महिलाओं के लिए बनाए गए सरकारी सामुदायिक शौचालय(UP Public toilet) पर कथित कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2022 से शौचालय पर ताला लगाकर उसे बंद रखा गया और प्रशासन की ओर से कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद ताला नहीं खोला गया। इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति और उसके बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों के मुताबिक, कुड़ी खुर्द गांव की प्रधान रिंकू मिश्रा की शिकायत पर मंगलवार शाम कोइरौना थाने में ओंकार नाथ तिवारी और उनके बेटे त्रिभुवन नाथ तिवारी उर्फ नचकऊ तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई। पुलिस मामले से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है। थाना प्रभारी मनीष द्विवेदी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 और 319, 336, 338, 340, 352 और 351 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं धोखाधड़ी, दस्तावेजों में कथित जालसाजी, अपमान और आपराधिक धमकी जैसे आरोपों से संबंधित हैं।
जांच में बंद मिला सरकारी शौचालय
जिला पंचायती राज अधिकारी संजय मिश्रा के मुताबिक, ग्राम प्रधान की शिकायत मिलने के बाद उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को मामले से अवगत कराया। इसके बाद स्थानीय लेखपाल और तहसीलदार ने जांच की। जांच के दौरान सरकारी सामुदायिक शौचालय पर ताला लगा होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने नोटिस जारी कर पिता-पुत्र को शौचालय खोलने का निर्देश दिया। हालांकि, आरोप है कि इसके बावजूद ताला नहीं खोला गया।
ग्राम प्रधान और उनके पति से अभद्रता का आरोप
अधिकारी संजय मिश्रा ने आरोप लगाया कि 1 अगस्त 2026 को ग्राम प्रधान रिंकू मिश्रा ने जब शौचालय खोलने के लिए कहा, तो ओंकार नाथ तिवारी और उनके बेटे ने उनके तथा उनके पति रवींद्र कुमार मिश्रा के साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि दोनों पर लाठियों से हमला भी किया गया।
शपथपत्र में किया गया अलग दावा
अधिकारी के मुताबिक, ओंकार नाथ तिवारी ने 30 सितंबर को पंचायती राज विभाग में शपथपत्र देकर दावा किया था कि शौचालय पर कोई कब्जा नहीं है और वहां ताला भी नहीं लगा है। इस दस्तावेज पर कथित तौर पर गांव के निवासी राजबली भारतीय के हस्ताक्षर थे।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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