Xi Jinping India Visit: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आ सकते हैं। यदि उनका दौरा तय होता है, तो कोविड-19 महामारी और 2020 के गलवान सीमा विवाद के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच संभावित यह दौरा क्षेत्रीय और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
12-13 सितंबर को होगा BRICS शिखर सम्मेलन
भारत 12-13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। क्रेमलिन पहले ही पुतिन की भारत यात्रा के संकेत दे चुका है। BRICS के सदस्य देश के रूप में ईरान भी इस सम्मेलन में हिस्सा लेगा, हालांकि ईरान की ओर से किस स्तर का प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
SCO सम्मेलन में भी हो सकती है अहम मुलाकात
BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले महीने किर्गिस्तान में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है। इस दौरान उनकी रूस, चीन और ईरान के बड़े नेताओं से मुलाकात हो सकती है। अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने के बाद यह SCO सदस्य देशों की पहली अहम स्तरीय बैठक होगी, इसलिए इस बैठक पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रहेगी।
क्षेत्रीय सुरक्षा-व्यापार पर रहेगा फोकस
SCO शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, व्यापार और बहुपक्षीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सदस्य देशों के बीच रणनीतिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता पर विशेष जोर दिया जा सकता है।
भारत-चीन संबंधों के लिए अहम हो सकता है दौरा
यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं, तो इसे भारत-चीन संबंधों में एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम माना जाएगा। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और पिछले कुछ सालों से जारी तनाव के बावजूद शीर्ष नेतृत्व की संभावित मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह की उच्चस्तरीय बातचीत भविष्य में सहयोग और संवाद के नए रास्ते खोल सकती है।
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