इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप में आए विनाशकारी भूकंप के बाद धरती लगातार हिल रही है। 15 अगस्त को 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही के बाद अब 20 अगस्त को एक और तेज झटका महसूस किया गया। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (EMSC) और जर्मनी के GFZ रिसर्च सेंटर के मुताबिक, फ्लोरेस क्षेत्र में आए इस नए भूकंप की तीव्रता 5.9 रही और इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी। लगातार आ रहे झटकों से पहले से प्रभावित इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ गई है।
पांच दिन पहले आया था 7.7 तीव्रता का भूकंप
फ्लोरेस में 15 अगस्त को 7.7 तीव्रता का बड़ा भूकंप आया था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इसका केंद्र एंडे शहर से करीब 68 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में समुद्र के भीतर था और भूकंप की गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी। भूकंप की उथली गहराई के कारण झटके काफी तेज महसूस किए गए। इसके बाद समुद्र में छोटी सुनामी लहरें भी उठीं। कुछ इलाकों में इनकी ऊंचाई 1.61 मीटर तक दर्ज की गई। चेतावनी जारी होने के बाद बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों और ऊंचे इलाकों की ओर चले गए थे। मुख्य भूकंप के बाद 5.1, 5.6 और 6.1 तीव्रता समेत कई आफ्टरशॉक दर्ज किए गए। 17 अगस्त को भी इसी क्षेत्र में करीब 5.9 तीव्रता का झटका आया था।
70 से ज्यादा लोगों की मौत
मुख्य भूकंप के बाद जैसे-जैसे राहत और बचाव दल दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचे, नुकसान का आंकड़ा बढ़ता गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भूकंप में कम से कम 70 से 73 लोगों की मौत हुई और 1,100 से ज्यादा लोग घायल हुए। 17 अगस्त के आफ्टरशॉक में भी दो लोगों की मौत की खबर सामने आई। मांगारई और पूर्वी मांगारई क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान बताया गया है। करीब 12 हजार घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, जबकि 900 से अधिक मकान पूरी तरह ढह गए। सैकड़ों स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पूजा स्थल और सरकारी इमारतें भी प्रभावित हुई हैं।
फ्लोरेस में क्यों आते हैं इतने भूकंप?
इंडोनेशिया पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में स्थित है। यहां कई टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधि के कारण भूकंप और ज्वालामुखी आम हैं। फ्लोरेस क्षेत्र में सक्रिय फ्लोरेस बैक-आर्क थ्रस्ट भी भूकंपीय गतिविधियों का एक प्रमुख कारण है।
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