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फ्लाई-दुबई हमले में NIA ने मारी एंट्री, UAE जाकर कैप्टन स्मित मच्छार का बयान लेगी एजेंसी, अब खुल जाएंगे सारे राज?

NIA Enters Flydubai Case: फ्लाई-दुबई विमान में हुए हमले की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और अब भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का बयान लेने के लिए UAE जाने की तैयारी कर रही है। एजेंसी जल्द केंद्र सरकार से इसकी अनुमति मांग सकती है। टीम UAE में स्थानीय जांच अधिकारियों से भी मुलाकात करेगी और अब तक सामने आए तथ्यों की जानकारी लेगी।

पायलट से बयान और आरोपी से पूछताछ की तैयारी

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, NIA की जांच सिर्फ कैप्टन स्मित मच्छार के बयान तक सीमित नहीं रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी गिरफ्तार ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हमामी से पूछताछ की अनुमति भी मांग सकती है। NIA यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कॉकपिट में पायलट पर हमला क्यों किया गया और क्या सह-पायलट ने यह कदम अकेले उठाया था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी।

विदेश में हुई घटना, UAE के साथ समन्वय जरूरी

NIA ने पिछले सप्ताह मामले में FIR दर्ज की थी। एजेंसी के अनुसार, घटना की गंभीरता और इसके राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को देखते हुए बड़ी साजिश की जांच जरूरी है। चूंकि हमला UAE में हुआ था, इसलिए जांच के लिए वहां के अधिकारियों के साथ तालमेल करना होगा। आरोपी के इरादों और विमान पर कब्जा करने की कथित कोशिश को लेकर UAE अधिकारियों के बयान भी जांच में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

NIA की FIR में हाईजैक की कोशिश

NIA की FIR के मुताबिक, मामला एक भारतीय नागरिक पर हमले और विमान को हाईजैक करने या दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित कोशिश से जुड़ा है। एजेंसी ने अपराध की गंभीरता और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का हवाला देते हुए बड़ी साजिश का पता लगाने की जरूरत बताई है। FIR में एंटी-हाईजैकिंग एक्ट 2016 और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA की धाराएं लगाई गई हैं।

क्रैश एक्स से पायलट पर किया गया हमला

यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाई-दुबई की फ्लाइट FZ-1073 में हुई थी। UAE के जांच अधिकारियों के अनुसार, सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट में इस्तेमाल होने वाले क्रैश एक्स से कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। हमले में पायलट के सिर और हाथों पर गहरे घाव आए। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे यात्रियों और दूसरे क्रू सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली।

174 लोगों को लेकर सऊदी अरब पहुंचा विमान

हमले के बाद रिजर्व क्रू ने विमान की कमान संभाली। बोइंग 737 मैक्स 8 में कुल 174 लोग सवार थे। विमान को सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। कैप्टन स्मित मच्छार का फिलहाल UAE के अस्पताल में इलाज चल रहा है और NIA उनकी स्थिति के बीच बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी करना चाहती है।

आरोपी के कट्टरपंथ से जुड़ने का दावा

UAE के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल-शम्सी ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि हमाम अल-हमामी ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान कट्टरपंथ की ओर आकर्षित हुआ था। उनके अनुसार, आरोपी 2001 के 9/11 आतंकी हमलों से प्रेरित था। उन्होंने यह भी कहा था कि विमान पर कब्जा करने के बाद उसका निशाना तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट का टर्मिनल था। इन दावों और आरोपी की वास्तविक मंशा की जांच अब आगे की कार्रवाई का अहम हिस्सा होगी।

पायलट की बहादुरी की PM मोदी और नेतन्याहू ने की तारीफ

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने तारीफ की है। इजरायल ने उन्हें नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार देने की घोषणा भी की है। इजरायल के अनुसार, पायलट ने असाधारण साहस और पेशेवर सूझबूझ दिखाकर बड़ी त्रासदी को टालने में अहम भूमिका निभाई। अब NIA की जांच में हमले की वजह और किसी संभावित बड़ी साजिश की भूमिका का पता लगाने पर फोकस रहेगा।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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