केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए 850 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों को मजबूत करने और उनके विस्तार को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार बाल शोषण और दुष्कर्म के मामलों में सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। अक्टूबर 2019 में शुरू की गई केंद्र प्रायोजित योजना के तहत फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों और विशेष पॉक्सो अदालतों की स्थापना की गई थी। इनका उद्देश्य दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम, 2012 के तहत दर्ज लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा करना है।
आधिकारिक आंकड़ों की व्यवस्था में होगा बदलाव
मंत्रिमंडल ने देश की आधिकारिक सांख्यिकी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 4,371.1 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी है। ‘सांख्यिकीय बदलाव, विश्लेषण और अनुसंधान के लिए विकसित भारत पहल’ नाम की यह योजना 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए लागू होगी। इसका मकसद वास्तविक समय के आंकड़ों पर आधारित आधुनिक ढांचा तैयार करना है। इसके तहत आंकड़ों की उपलब्धता तेज करने, अधिक विस्तृत जानकारी जुटाने, विभिन्न आंकड़ा समूहों में बेहतर तालमेल बनाने और कृत्रिम मेधा (एआई) के अनुकूल डेटा आधार विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
ऊर्जा भंडारण और खनिज प्रसंस्करण को बढ़ावा
सरकार ने 92 गीगावाट घंटे की ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए 14,500 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक चलने वाली इस योजना में 30 गीगावाट घंटे बैटरी भंडारण, 60 गीगावाट घंटे पंप स्टोरेज और दो गीगावाट घंटे उभरती तकनीकों के जरिए विकसित किए जाएंगे। यह 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार होगा। इसके अलावा, लिथियम और निकेल जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण को प्रोत्साहन देने के लिए 2,814 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन खनिजों की सीमित उपलब्धता और कुछ चुनिंदा देशों पर निर्भर आपूर्ति के कारण घरेलू प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाना जरूरी माना जा रहा है।
Read More
इस बार रजनीकांत फिल्म में दिखेंगे 50 साल छोटी एक्ट्रेस के साथ! ‘धर्मन’ की नई जोड़ी ने बढ़ाया उत्साह

