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भारत से अब सीधे नेपाल जाएगी कंटेनर ट्रेन, बॉर्डर ट्रांसशिपमेंट का झंझट खत्म, सस्ता सामान और तेज डिलीवरी, जानिए फायदा?

India Nepal Trade: भारत और नेपाल के बीच ट्रेड संबंधों को मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे ने एक अहम फैसला लिया है। पहली बार कोलकाता बंदरगाह से नेपाल के बिराटनगर तक 40 वैगन वाली सीधी कंटेनर मालगाड़ी चलाई गई है। इस नई व्यवस्था के शुरू होने से सीमा पर सामान को उतारने और दोबारा दूसरे वाहन में लोड करने की जरूरत खत्म हो गई है। इससे माल ढुलाई की लागत कम होगी, डिलीवरी पहले से तेज होगी और ग्राहकों तक सामान उम्मीद से सस्ती कीमत पर पहुंच सकेगा।

भारत-नेपाल ट्रेड में भारत की अहम भूमिका

भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। इसके अलावा भारत, नेपाल को दूसरे देशों के साथ व्यापार के लिए ट्रांजिट सुविधा भी उपलब्ध कराता है, जिससे नेपाल का अंतरराष्ट्रीय व्यापार आसान होता है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, नेपाल के कुल विदेशी माल व्यापार का लगभग दो-तिहाई हिस्सा भारत के साथ होता है।

वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच कुल ₹84,500 करोड़ ($9388.98 million) का द्विपक्षीय व्यापार हुआ। इस दौरान भारत से नेपाल को लगभग ₹67,024.08 करोड़ ($7447.12 million) का निर्यात किया गया, जबकि नेपाल ने भारत को 1,941.87 मिलियन अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग ₹17,476.83 करोड़ ($1,941.87 million) का सामान निर्यात किया।

सीमा पर खत्म होगी माल की उठा-पटक

अब तक भारत से नेपाल सामान भेजने के दौरान सबसे बड़ी चुनौती सीमा पर सामने आती थी। भारतीय ट्रेन से पहुंचे कंटेनरों से सामान उतारकर उसे नेपाल की ट्रेन या ट्रकों में दोबारा लोड करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में समय के साथ ज्यादा खर्च भी बढ़ जाता था। नई व्यवस्था के तहत कोलकाता पोर्ट पर लोड हुआ कंटेनर सीधे नेपाल के बिराटनगर कस्टम्स यार्ड पहुंचेगा। इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी। साथ ही ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स पर होने वाला खर्च कम होने से आयातकों और निर्यातकों को राहत मिलेगी और इसका फायदा ग्राहकों को भी कम कीमत में मिल सकता है।

जोगबनी-बिराटनगर रेल लिंक से मिली नई सुविधा

जून 2023 में शुरू हुए जोगबनी (भारत) और बिराटनगर (नेपाल) ब्रॉड-गेज रेल लिंक के जरिए यह मालगाड़ी नेपाल पहुंची है। भारत-नेपाल रेल ट्रांजिट प्रोटोकॉल के तहत शुरू की गई यह सेवा दोनों देशों के बीच माल परिवहन को ज्यादा आसान और तेज बनाने में अहम मानी जा रही है।

कारोबारियों के लिए क्यों है फायदेमंद?

नई रेल सेवा से भारत के निर्यातकों और नेपाल के आयातकों को कच्चा माल और तैयार उत्पाद समय पर उपलब्ध हो सकेंगे। लॉजिस्टिक्स लागत कम होने से नेपाल के बाजारों में भारतीय सामान सस्ती कीमत पर पहुंचेगा, जिससे उसकी मांग बढ़ने की संभावना है। इससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।

भविष्य में बढ़ सकता है रेल नेटवर्क

यदि यह सीधी कंटेनर मालगाड़ी मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में भारत के अन्य प्रमुख बंदरगाहों और औद्योगिक शहरों को भी सीधे नेपाल के रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और माल परिवहन का दायरा और व्यापक हो सकता है।

पर्यावरण को भी मिलेगा लाभ

सड़क मार्ग की तुलना में रेल के जरिए माल परिवहन अधिक किफायती माना जाता है। इसके साथ ही ट्रकों की आवाजाही कम होने से ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। ऐसे में यह पहल केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी अहम साबित हो सकती है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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