Japan Earthquake: जापान के दक्षिण-पश्चिमी कुमामोटो क्षेत्र में मंगलवार को आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। इस आपदा में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के घायल और लापता होने की खबर है। भूकंप के कारण एक शॉपिंग मॉल लगभग पूरी तरह तबाह हो गया, कई मकान ढह गए, जगह-जगह आग लग गई, पुल क्षतिग्रस्त हो गए और हजारों घरों की बिजली गुल हो गई। राहत एवं बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।
मॉल में मची तबाही
भूकंप के बाद सबसे ज्यादा नुकसान कुमामोटो के एक शॉपिंग मॉल में हुआ, जहां मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने टोक्यो में कहा कि कई लोगों की जान गई है और बड़ी संख्या में इमारतें गिरने के साथ आगजनी और सड़क फटने तक की घटनाएं सामने आई हैं। सरकार के प्रवक्ता मिनोरू किहारा ने बताया कि सात लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बुधवार सुबह तक क्यूशू द्वीप के तीन क्षेत्रों में बनाए गए 506 राहत शिविरों में 9,000 से अधिक लोगों ने शरण ली।
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— NHKニュース (@nhk_news) July 28, 2026
‘मॉल पूरी तरह तबाह’
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इतना शक्तिशाली भूकंप पहले कभी महसूस नहीं किया। यह झटका जापान के सात स्तर वाले शिंदो पैमाने के सबसे ऊंचे स्तर पर दर्ज किया गया, जिसमें खड़े रहना भी बेहद मुश्किल हो जाता है। मरने वालों में कम से कम दो महिलाएं शामिल हैं, जिनकी मौत काशिमा शहर के एक शॉपिंग मॉल में हुई। आशंका है कि भूकंप के करीब आधे घंटे बाद गैस विस्फोट हुआ, जिससे मॉल को भारी नुकसान पहुंचा। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक मौके पर मौजूद व्यक्ति ने मॉल की दूसरी मंजिल पूरी तरह ढहने की जानकारी दी। भूकंप के बाद दर्जनों आफ्टरशॉक भी महसूस किए गए।

फैक्ट्री पर गिरी चिमनी
मॉल के अंदर की तस्वीरों में राहतकर्मी नारंगी कपड़ों और सफेद हेलमेट पहनकर मुड़े हुए लोहे, लटकती तारों और गिरी हुई छत के मलबे के बीच लोगों की तलाश करते दिखाई दिए। मॉल चलाने वाली कंपनी एईऑन के प्रवक्ता के अनुसार, गैस विस्फोट उस समय हुआ, जब भूकंप के बाद ग्राहक और कर्मचारी पहले ही बाहर निकल चुके थे। वहीं यात्सुशिरो स्थित निप्पॉन पेपर इंडस्ट्रीज की फैक्ट्री में लाल-सफेद रंग की एक बड़ी चिमनी टूटकर इमारत पर गिर गई, जिससे नौ लोग लापता बताए जा रहे हैं। बुधवार सुबह तक कुमामोटो में 36,880 घरों और दूसरे स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित रही।

रेल, सड़क और ऐतिहासिक धरोहरों को भी नुकसान
भूकंप के चलते एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई, कई सड़कों में दरारें आ गईं और यातायात प्रभावित हो गया। बुधवार को भी शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाएं बंद रहीं। वहीं वीडियो में सदियों पुराने कुमामोटो किले की दीवार का एक हिस्सा गिरता हुआ दिखाई दिया। राहत एवं बचाव कार्य के लिए जापानी सेना के 3,600 जवानों को तैनात किया गया है, जबकि नुकसान का पता लगाने के लिए 20 विमानों से हवाई सर्वे कराया जा रहा है।
震度6強の揺れを観測した熊本県八代市にある九州自動車道の八代インターチェンジの上空から午後5時50分ごろにNHKのヘリコプターが撮影した映像では、高架部分の道路の継ぎ目で段差ができ、ずれ落ちているのが確認されました。https://t.co/tqoH08pfnT pic.twitter.com/85KjR8gMtu
— NHKニュース (@nhk_news) July 28, 2026
जापान में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?
जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। यह देश प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर के किनारे स्थित चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों पर बसा है। करीब 12.5 करोड़ की आबादी वाले जापान में हर साल सैकड़ों भूकंप दर्ज किए जाते हैं और दुनिया के लगभग 18 प्रतिशत भूकंप यहीं आते हैं। अधिकांश भूकंप हल्के होते हैं, लेकिन उनकी तीव्रता और केंद्र की गहराई के आधार पर नुकसान का स्तर तय होता है। जापान अब भी 2011 में आए 9.0 तीव्रता के विनाशकारी समुद्री भूकंप और उसके बाद आई सुनामी की त्रासदी को नहीं भूला है। उस आपदा में करीब 18,500 लोगों की मौत हुई थी या वे लापता हो गए थे, जबकि फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा था।
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