पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई के लिए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के 27 सितंबर को प्रस्तावित लॉन्ग मार्च को देखते हुए इस्लामाबाद और रावलपिंडी में भारी सुरक्षा घेरा तैयार कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए इस्लामाबाद पुलिस को विशेष ‘नेट लॉन्चिंग डिवाइस’ (नेट गन) से लैस किया गया है। वैसे तो यह उपकरण एंटी-ड्रोन तकनीक पर काम करता है और हवा में जाल फेंककर उड़ते हुए ड्रोन को जकड़ लेता है, लेकिन इस बार इसका प्रयोग मार्च में शामिल लोगों और समर्थकों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किया जाएगा।
धारा 144 और दो महीने की पाबंदी
इमरान खान की सजा के विरोध में भड़के तनाव को देखते हुए राजधानी इस्लामाबाद को पूरी तरह छावनी में बदल दिया गया है। शहर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने 18 सितंबर से अगले दो महीनों के लिए सार्वजनिक स्थानों पर चार से अधिक लोगों के एक साथ जमा होने और किसी भी प्रकार के जुलूस या रैली निकालने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही इस्लामाबाद और रावलपिंडी में संचार सेवाओं को ठप किया जा रहा है।
इमरान खान की तीनों बहनें जेल में बंद
प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल के बीच सरकार ने विरोध प्रदर्शन की रीढ़ तोडने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। इमरान खान की तीनों बहनों—अलीमा खान, डॉ. उजमा खान और नूरीन नियाजी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पाकिस्तानी मीडिया में दावा किया जा रहा है कि एंटी-ड्रोन नेट गन और कड़ी पाबंदियों का इस्तेमाल समर्थकों में खौफ पैदा करने और मार्च को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा है।
डी-चौक हिंसा के बाद गहराया हिंसा का डर
इससे पहले डी-चौक पर हुए पीटीआई समर्थकों के प्रदर्शन के दौरान भीषण गोलीबारी की घटना सामने आई थी। उस समय हुई हिंसा में सरकार ने 8 लोगों की मौत की पुष्टि की थी, जबकि पीटीआई नेतृत्व ने इससे कहीं अधिक समर्थकों के मारे जाने का दावा किया था। इसी पुरानी हिंसा को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा तंत्र को बेहद कड़ा किया गया है, हालांकि यह सवाल बना हुआ है कि एंटी-ड्रोन नेट गन समर्थकों के भारी हुजूम को रोकने में कितनी कारगर साबित होगी।
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